Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस एम सोनक एवं राजेश शंकर की खंडपीठ ने जब्त वाहन के नीलामी संबंध में सवाल करते हुए पूछा कि जब्ती के बाद जल्दी बाजी में उसकी नीलामी क्यों कर दी गई वहीं वहां तीसरे पक्ष को हस्तांतरित भी कर दिया गया क्या इसमें प्रार्थी को मौका दिया गया था.
तीसरे पक्ष को हस्तांतरण पर मांगी गई सफाई
इस दौरान लातेहार के तत्कालीन उपयुक्त भोर सिंह यादव वर्चुअली एवं प्रत्यक्ष रूप से मौजूदा उपायुक्त संदीप कुमार कोर्ट में उपस्थित रहे अदालत को बताया गया कि मामले में एक माह के भीतर निष्पादन कर लिया जाएगा, इस पर अदालत में नाराजगी जताई और कहा कि अदालत आम लोगों का समाधान चाहती है लेकिन सरकार समस्याओं को खत्म करने की वजह उसमें और देरी करती है, दरअसल प्रार्थी का हाईवा चोरी होने के बाद अवैध माइनिंग के दौरान बालूमाथ में पकड़ा गया था, जिसे जब्त करने के बाद उसकी नीलामी कर दी गई, प्रार्थी ने हाई कोर्ट से गुहार लगाई थी.

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