Chakardharpur : राज्य में पिछले आठ साल से बालू घाटों की ई टेंडर प्रक्रिया नियमित नहीं है. जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे है. उक्त बातें हुंडगदा के समाजसेवी अवनि कुमार महतो ने कही. उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बालू की किल्लत और इसके सामाजिक आर्थिक प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त की. अवनि ने कहा कि बालू के अभाव से राज्य में अवैध खनन और बालू की कालाबाजारी चरम पर है. टेंडर प्रक्रिया बंद होने से सरकारी राजस्व की क्षति हो रही है. इसका लाभ माफिया तत्वों को मिल रहा है.
बालू की कमी का असर निमार्ण कार्य से जुड़े मजदूरों पर पड़ने लगा है. उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है. सरकार एक तरफ अबुआ आवास योजना को पूरा करने का दबाव बनाती है. दूसरी तरफ बालू की किल्लत है. अवनि कुमार ने पिछले आठ साल के दौरान बालू से प्राप्त राजस्व और अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

