Click Here
Click Here
Click Here

गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड का मास्टरमाइंड यशराज गिरफ्तार, एक लाख का था इनाम, शूटर को रांची से भेजा था दिल्ली

Ranchi : गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड के...

Ranchi : गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड एक लाख का इनामी यशराज सिंह को गिरफ्तार किया है. उत्तराखंड के देहरादून पुलिस ने यह कार्रवाई की है. इस हत्याकांड में झारखंड के पांच शूटर के ऊपर भी एक-एक लाख रुपया की इनाम की राशि घोषित की गई है. यशराज को देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सहारनपुर में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया.

यह भी पढ़ें: बिजली-पानी की समस्या को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया आंदोलन

सहारनपुर में दबोचा गया मास्टरमाइंड

हत्याकांड के बाद से ही यशराज पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था. पुलिस की टीमें लगातार उसे ट्रैक कर रही थीं. इसी दौरान सूचना मिली कि यशराज अपने पिता के वकील से कानूनी सलाह लेने के लिए सहारनपुर पहुंचने वाला है. इसी इनपुट पर एसटीएफ और पुलिस की टीम ने जाल बिछाया और उसे धर दबोचा.

साजिश की इनसाइड स्टोरी, फिल्मी पटकथा जैसा मर्डर प्लान

पूछताछ में यशराज ने जो खुलासे किए हैं, वे हैरान करने वाले हैं. विक्रम शर्मा को मारने की योजना काफी समय से बनाई जा रही थी. यशराज ने कबूल किया कि दिसंबर 2025 में उन्होंने नोएडा और दिल्ली में भी विक्रम शर्मा की हत्या का प्रयास किया था, हालांकि, अत्यधिक भीड़भाड़ और अनुकूल स्थिति न होने के कारण वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके. दिल्ली में विफल होने के बाद, गैंग ने देहरादून के सिल्वर सिटी जिम के बाहर कई दिनों तक रेकी की और विक्रम की गतिविधियों पर नजर रखी. जांच में सामने आया है कि यशराज न केवल साजिशकर्ता था, बल्कि इस पूरी वारदात का फाइनेंसर भी था.

यह भी पढ़ें: EXCLUSIVE: झारखंड में DSP की वरीयता सूची में बड़ा उलटफेर, जो थे सीनियर वो हो गए जूनियर कई अधिकारियों की हुई प्रोन्नति तो कई हुए डिमोट

रांची से दिल्ली भेजा था शूटर

यशराज ने ही शूटरों को रांची से दिल्ली बुलाने के लिए पेटीएम के जरिए फ्लाइट टिकट बुक कराए थे. वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी, होटल के कमरे और दैनिक खर्चों का भुगतान यूपीआई के जरिए किया गया था, ताकि शूटरों को कोई दिक्कत न हो. शूटरों के रुकने से लेकर वारदात के बाद उन्हें सुरक्षित निकालने का पूरा रोडमैप यशराज ने ही तैयार किया था.

पश्चिम बंगाल तक फैला फरारी का जाल

वारदात को अंजाम देने के बाद यशराज उत्तराखंड से फरार होकर खड़गपुर (पश्चिम बंगाल) स्थित अपनी बुआ के घर छिप गया था. पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने और मोबाइल सिम बदल रहा था, लेकिन जैसे ही वह यूपी के सहारनपुर पहुंचा, एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया. इस गिरफ्तारी के बाद देहरादून पुलिस अब फरार चल रहे अन्य आरोपियों और इस हत्या के पीछे के असली मोटिव की तह तक जाने की तैयारी में है.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *