Ranchi: पूछताछ के नाम पर कांग्रेस नेता को थाना हाजत में बंद कर मारपीट और प्रताड़ित किए जाने के मामले में झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. यह मामला गुमला जिले के पूसो थाना से जुड़ा है, जहां मई 2024 में कांग्रेस नेता जितेंद्र लोहरा के साथ कथित मारपीट की गई थी.
झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने मानवाधिकार उल्लंघन के इस गंभीर मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिश के बाद आर्थिक सहायता देने का आदेश जारी किया है. सरकार की ओर से पीड़ित जितेंद्र लोहरा को मुआवजा दिया जाएगा.

क्या है पूरा मामला ?
यह मामला गुमला जिले के पुसो थाना का है. पुलिस हिरासत के दौरान जितेंद्र लोहरा के साथ प्रताड़ना का आरोप लगा था. इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में वाद संख्या 576/34/10/2024 दर्ज कराया गया था. आयोग द्वारा मामले की जांच और अनुशंसा के बाद राज्य सरकार ने पीड़ित को मुआवजा देने की स्वीकृति दी है.
पहले हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले में पहले संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित किया जा चुका है. अब सरकार के इस फैसले को पीड़ित को राहत देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
ALSO READ: झारखंड पुलिस एसोसिएशन में घमासान, प्रदेश उपाध्यक्ष ने नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
