Ranchi: झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित कुमार रजक ने अपने ही संगठन के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि संगठन के शीर्ष पदाधिकारी सत्ता का सुख भोगने में व्यस्त हैं, जबकि पुलिस परिवार की मूल समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. इससे वर्दीधारियों में आक्रोश बढ़ रहा है.
मूल समस्याओं की अनदेखी का आरोप
रोहित कुमार रजक ने कहा कि झारखंड पुलिस एसोसिएशन को अब हेल्थ सुविधा, प्रमोशन और शिकायत कोषांग जैसे अहम मुद्दों से कोई मतलब नहीं रह गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद से संगठन के वाहन का लगातार निजी कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है.

वाहन के दुरुपयोग का आरोप
उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल में संगठन के वाहन का इतना इस्तेमाल हुआ कि उसकी मरम्मत में करीब 1 लाख रुपये खर्च हो गए. उनका आरोप है कि वाहन का उपयोग घर से ऑफिस और ऑफिस से घर आने-जाने के लिए किया जा रहा है. साथ ही निजी वाहनों में भी डीजल खर्च किया जा रहा है, जिस पर हर महीने 30 से 40 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं.
चंदे की राशि पर उठाए सवाल रोहित कुमार रजक ने कहा कि जब सदस्यों के हित में कोई काम नहीं हो रहा है, तो इस तरह के फिजूल खर्च को रोका जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह कोई सरकारी खजाना नहीं है, बल्कि वर्दीधारियों के चंदे का पैसा है और इसका इस्तेमाल उन्हीं के हित में होना चाहिए.
संगठन की कार्यशैली पर बढ़ रहा विरोध
गौरतलब है कि झारखंड पुलिस एसोसिएशन इन दिनों राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है. वर्दीधारी लगातार संगठन की गतिविधियों और खर्चों पर सवाल उठा रहे हैं. जानकारी के अनुसार संगठन को हर साल करीब 42 लाख रुपये चंदे के रूप में मिलते हैं, जिसके उपयोग को लेकर अब जवाब मांगा जा रहा है.
