Ranchi: बोकारो लापता युवती के मामले में दायर हेवीयस कार्पस याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई की, मामले में केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया प्रशांत पल्लव ने अदालत को बताया कि बीते 7 मई को माता-पिता के डीएनए का सैंपल एवं बरामद कंकाल के हड्डियों का सैंपल कोलकाता फॉरेंसिक एवं साइंस लैबोरेट्री (CFSL) पहुंचा जा चुका है, वही रिपोर्ट आने में अभी 15 दिन और लगेंगे, इसका कारण बरामद कंकाल के हड्डियों का भिन्न होना बताया, मामले में अदालत में समय देते हुए अगली सुनवाई 8 जून मुकर्रर की दरअसल पूरा मामला बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक 18 वर्षीय युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है.
बेटी की तलाश में मां पहुंची हाईकोर्ट
युवती की मां रेखा देवी ने अपनी बेटी की तलाश के लिए हाईकोर्ट में हेवियस कॉपस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर की है पुलिस को जांच के दौरान एक कंकाल मिला है, जिसे वह लापता युवती का बता रही है दूसरी ओर, परिजनों के अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और शांतनु गुप्ता का कोर्ट में दावा है कि बरामद कंकाल उनकी बेटी का नहीं है. इसी विवाद को सुलझाने के लिए डीएनए टेस्ट की मदद ली जा रही है.

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