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JTET नियमावली में क्षेत्रीय भाषाओं की अनदेखी और एससी आयोग के गठन में देरी से नाराजगी
Palamu: मेदिनीनगर स्थित परिसदन भवन में वीर बाबा चौहरमल कल्याण समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार की नीतियों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया. जिला अध्यक्ष संदीप पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्य रूप से शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) नियमावली 2026 में मगही, भोजपुरी और अंगिका भाषाओं को शामिल न किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई गई. समिति ने आरोप लगाया कि राज्य कैबिनेट द्वारा पुरानी नियमावली को ही स्वीकृति देना पलामू के छात्र-छात्राओं के साथ सौतेला व्यवहार है. इससे हजारों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है. अनुसूचित जाति आयोग के गठन में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. अध्यक्ष संदीप पासवान ने कहा कि अनुसूचित जाति समाज लंबे समय से आयोग के गठन की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं कर रही है. उन्होंने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि उनके द्वारा बार-बार मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद अब तक आयोग का गठन न होना दुर्भाग्यपूर्ण है. समिति ने स्पष्ट किया है कि वे इस संघर्ष में वित्त मंत्री के साथ खड़े हैं.
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सीएम हेमंत सोरेन से इस दिशा में कदम उठाने की मांग
वीर बाबा चौहरमल कल्याण समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि छात्र हित में अविलंब JTET नियमावली में संशोधन कर मगही, भोजपुरी और अंगिका को क्षेत्रीय भाषा का दर्जा दिया जाय. साथ ही अनुसूचित जाति के अधिकारों की रक्षा के लिए जल्द से जल्द राज्य में अनुसूचित जाति आयोग का गठन हो. समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी.
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