Ranchi: अगर आप भी गूगल पर डॉक्टर का नंबर खोजकर उस पर भरोसा कर लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बड़ी चेतावनी है. रांची के साइबर क्राइम थाने में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक बीमार व्यक्ति को डॉक्टर से परामर्श लेना इतना भारी पड़ गया कि जालसाजों ने उनके बैंक खाते से मिनटों में 1.59 लाख रुपये उड़ा लिए. ठगों ने खुद को अस्पताल का कर्मचारी बताकर एपीके लिंक के जरिए पीड़ित के फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और ठगी की वारदात को अंजाम दिया.
क्या है पूरा मामला
इटकी रोड स्थित बजरा निवासी मनोज प्रसाद को नसों की समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी थी. उन्होंने गूगल पर “डॉक्टर नियर मी” सर्च किया, जहां उन्हें रांची के हेल्थ पॉइंट अस्पताल के डॉ. अनुप मोहन नायर का विवरण और एक मोबाइल नंबर मिला. जब उन्होंने उस नंबर पर कॉल किया, तो दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति ने खुद को अस्पताल का रिसेप्शनिस्ट बताया.

पांच रुपये के टोकन के नाम पर बिछाया जाल
जालसाज ने अपॉइंटमेंट बुकिंग के नाम पर मनोज प्रसाद से मात्र पांच रुपये का टोकन अमाउंट गूगल पे करने को कहा. जब पहले नंबर पर भुगतान असफल रहा, तो ठग ने दूसरा नंबर दिया, जिस पर प्रदीप सेन सोनी का नाम दिख रहा था. उसे अस्पताल का अकाउंटेंट बताकर पीड़ित का भरोसा जीत लिया गया.
Also Read: झारखंड हाईकोर्ट में 16 मई से 7 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश, इस दौरान वेकेशन बेंच विकल्प
एपीके लिंक के जरिए फोन किया हैक
भुगतान में तकनीकी दिक्कत का बहाना बनाकर आरोपी ने मनोज को एक एपीके लिंक डाउनलोड करने और उसे परमिशन देने के लिए राजी कर लिया. जैसे ही पीड़ित ने अनुमति दी, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया और उनके नियंत्रण से बाहर हो गया. पीड़ित के अनुसार, फोन अपने आप चलने लगा, जिससे साफ हो गया कि साइबर अपराधियों ने फोन का रिमोट एक्सेस ले लिया था.
खातों से उड़ गई जमा पूंजी
कुछ ही मिनटों में मनोज के बैंक खातों से पैसे कटने के मैसेज आने लगे. जांच करने पर पता चला कि ICICI बैंक खाते से 30 हजार रुपये और SBI बैंक खातों से दो किस्तों में 95 हजार और 34 हजार रुपये की अवैध निकासी की गई. इस प्रकार कुल 1.59 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई.
