Bokaro: ग्रामीण विकास को गति देने और देश के अन्नदाताओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में वेदांता ईएसएल स्टील लिमिटेड ने एक और बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने नाबार्ड के सहयोग और ग्रामीण सेवा संस्थान के क्रियान्वयन के माध्यम से संचालित प्रोजेक्ट WADI के अंतर्गत बोकारो के चास प्रखंड स्थित कुंवरपुर में एक अत्याधुनिक कस्टम हायरिंग सेंटर और सॉयल टेस्टिंग डिवाइस का शनिवार को उद्घाटन किया. इस अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोकारो की उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार उपस्थित थीं. उनके साथ वेदांता ईएसएल स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशक रवीश शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे.
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मॉडल फार्म का किया अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों ने प्रोजेक्ट WADI के तहत विकसित किए गए मॉडल फार्म का दौरा किया. वेदांता ईएसएल द्वारा तैयार किया गया यह मॉडल फार्म क्षेत्र में आधुनिक, वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल (सतत) कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक मिसाल के रूप में पेश किया गया है, ताकि किसान इसे देखकर नई तकनीकों को सीख सकें.

किसानों को कैसे मिलेगा इस पहल का लाभ?
परियोजना की बारीकियों और इसके दूरगामी फायदों को समझाते हुए कार्यक्रम में दो मुख्य सुविधाओं पर जोर दिया गया. यह केंद्र पूरी तरह से समुदाय-आधारित सुविधा है. इसका सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र के छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, जिनकी आर्थिक स्थिति महंगे कृषि उपकरण खरीदने की नहीं होती. अब किसान इस सेंटर के माध्यम से भूमि की तैयारी, बुवाई, सिंचाई और फसल कटाई के लिए आधुनिक कृषि मशीनरी और उपकरणों का लाभ बेहद किफायती दरों पर उठा सकेंगे. इससे खेती की लागत कम होगी और समय की बचत होगी.
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