Giridih: जिले बागोडीह में हाथी के आतंक के बीच एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय अनुराग यादव की कुएं में गिरने से मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है. मृतक अनुराग यादव, पिता ललन यादव, गांव का बड़ा बेटा था और हजारीबाग में रहकर पढ़ाई करता था. परीक्षा समाप्त होने के बाद वह कुछ दिन पहले ही घर लौटा था.
गांव में घुसा हाथी का बच्चा, मची भगदड़
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार रात करीब 8 बजे झुंड से बिछड़ा एक हाथी का बच्चा अचानक गांव में घुस आया. हाथी को भगाने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए. इसी दौरान अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई, जिसमें अनुराग यादव पास के कुएं में गिर गया. ग्रामीणों ने उसे तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

Also Read: केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम से मिला आदिवासी प्रतिनिधिमंडल, झारखंड के मुद्दों पर सौंपा मांगपत्र
मृतक के घर पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना की सूचना मिलने पर नागेंद्र महतो अंतिम संस्कार में पहुंचे और मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए वन विभाग एवं डीएफओ से फोन पर बातचीत कर आपदा मद से उचित मुआवजा देने की मांग की.
कई ग्रामीण रहे मौजूद
इस दौरान मुखिया धानेश्वर साव, पंसस प्रतिनिधि देवानंद पासवान, बुधन साव, बासुदेव यादव, दीपक साव समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे.
वन विभाग ने जारी की अपील
वहीं, सरिया फॉरेस्टर अंशु पांडेय ने बताया कि हाथियों का एक झुंड धोवारी जंगल क्षेत्र में मौजूद है, जबकि एक अकेला हाथी बागोडीह के आसपास घूम रहा है. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को सुरक्षित क्षेत्र की ओर भेजने का प्रयास किया गया.
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखने पर घबराएं नहीं, उसे छेड़ने या भगाने की कोशिश न करें और तुरंत विभाग को सूचना दें.
