सरायकेला: ईचागढ़ में विधायक निधि से तालाब जीर्णोद्धार में गड़बड़ी का आरोप, RTI से हुआ खुलासा

Saraikela: ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कराए गए तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य में गंभीर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं....

Saraikela: ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कराए गए तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य में गंभीर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं. आरोप है कि बिना योजना के करोड़ों की राशि निकाली गई और एक ऐसे तालाब के नाम पर भुगतान कर दिया गया, जो कथित तौर पर मौजूद ही नहीं है.

6 तालाबों के लिए 36.60 लाख रुपये की अनुशंसा

जानकारी के अनुसार, ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती सबिता महतो के विधायक निधि से वर्ष 2022-23 में कुल 6 तालाबों के जीर्णोद्धार हेतु 36 लाख 60 हजार रुपये की अनुशंसा की गई थी. शासन अनुमोदन व तकनीकी स्वीकृति के बाद कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल सरायकेला को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया और योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई.

 

 

RTI से हुआ चौंकाने वाला खुलासा

मामला तब सामने आया, जब एक आरटीआई आवेदन के जवाब में चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ. आरटीआई के जवाब के अनुसार, चांडिल प्रखंड के मुसड़ीबेड़ा गांव में दर्ज एक तालाब का जीर्णोद्धार कथित रूप से हुआ ही नहीं, फिर भी इस तालाब के लिए 3,09,300 रुपये का भुगतान सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया है.

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मेरा कोई तालाब नहीं- पत्रकार का दावा

स्थानीय पत्रकार संजय कुमार महतो का दावा है कि रिकॉर्ड में जिस तालाब को उनके नाम से जोड़ा गया है, वैसा कोई निजी तालाब उस स्थान पर मौजूद ही नहीं है. उनका कहना है, “मुसड़ीबेड़ा में मेरे नाम पर कोई तालाब नहीं है. न वहां कोई काम हुआ है. फिर किस आधार पर मेरे नाम पर 3 लाख से ज्यादा की राशि निकाली गई, यह जांच का विषय है.”

उठ रहे हैं कई सवाल

  • जब तालाब अस्तित्व में ही नहीं था, तो उसकी तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति कैसे जारी हुई?
  • बिना कार्य हुए 3.09 लाख रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया?
  • क्या अन्य 5 तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य भी जमीनी स्तर पर हुआ है या सिर्फ कागजों में?

विभाग और विधायक का पक्ष

इस संबंध में कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी टिप्पणी नहीं मिल सकी. वहीं विधायक श्रीमती सबिता महतो के कार्यालय से बताया गया कि “विधायक निधि से अनुशंसा की जाती है. कार्य का क्रियान्वयन और भुगतान संबंधित विभाग करता है. अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई हो.”

स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और वर्ष 2022-23 में विधायक निधि से हुए सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है.

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