Saraikela : चांडिल प्रखंड कार्यालय परिसर में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया. भाजपा कार्यकर्ताओं ने हेमंत सरकार पर किसानों के साथ विश्वासघात और वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई.

भाजपा नेती कार्यक्रम प्रभारी, सह जिला उपाध्यक्ष सारथी महतो ने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीतियां किसानों के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही हैं. हेमंत सरकार किसानों को लेकर प्रारंभ से ही निर्दयी रही है. सरकार की प्राथमिकता में गांव, गरीब और किसान कहीं नहीं हैं. जब से हेमंत सरकार के हाथों में राज्य की बागडोर आई है, किसानों की समस्या में और भी वृद्धि हुई है. हेमंत सरकार किसानों के मुद्दे पर पूरी तरह लापरवाह और संवेदनहीन साबित हुई है. भारतीय जनता पार्टी इस एक दिवसीय धरना के माध्यम से इस गंभीर मामले की ओर ध्यान आकृष्ट कराना चाहती है.
वादों को पूरा करने में हेमंत सरकार नाकाम साबित हुई
महागठबंधन सरकार ने चुनाव पूर्व किसानों को लेकर कई बड़े-बड़े वादे किए थे, उन वादों को पूरा करने में हेमंत सरकार नाकाम साबित हुई है. झामुमो और कांग्रेस ने अलग-अलग जारी अपने घोषणा पत्र में किसानों को धान का 3200 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य देने, वन उत्पादों के MSP में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने, कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली देने, किफायती दर पर खाद-बीज, कीटनाशक उपलब्ध कराने और 2 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ करने का वादा किया था.
भाजपा का आरोप: एक भी वादा पूरा नहीं
धरने को संबोधित करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने कहा, “सत्ता में आने के बाद हेमंत सरकार अपने सभी वादे भूल गई, न धान का 3200 रुपये मिला, न मुफ्त बिजली. ऋण माफी के नाम पर किसानों को सिर्फ बैंक नोटिस मिल रहे हैं. सुखाड़ राहत तक नहीं बांटी गई. खाद-बीज के लिए किसान लाइन में खड़े हैं और कालाबाजारी चरम पर है.”
ज्ञापन में ये प्रमुख मांगें:
- 2 लाख रुपये तक का कृषि ऋण अविलंब माफ हो।
- धान का बकाया भुगतान ब्याज सहित 15 दिनों में हो और 500 रु/क्विंटल बोनस दिया जाए.
- सुखाड़ पीड़ित किसानों को 25,000 रु/एकड़ मुआवजा मिले,
- खाद-बीज की कालाबाजारी बंद कर समय पर आपूर्ति हो,
- बंद पड़ी सिंचाई योजनाएं तुरंत चालू की जाएं.
भाजपा ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में मांगें नहीं मानी गईं तो जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन किया जाएगा. धरना में कार्यक्रम प्रभारी सह जिला उपाध्यक्ष सारथी महतो ,कार्यकारणी भक्ता मनोज महतो ,प्रकाश सतपति मंडल प्रभारी ,जगदीश महतो,राहुल मंडल ,चामुराम भुइया , पूर्व मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह,महिला मोर्चा रेणुका महतो,चांदनी लोहार, सावित्री महतो ,समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए.
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