Pakur: जिले के हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत तोड़ाई स्थित संत मारिया गोरेट्टी हाई स्कूल में झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार दिवाकर पांडेय के निर्देश पर सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया.

छात्राओं को दी गई कानूनी जानकारी
उक्त कार्यक्रम में सचिव रूपा बंदना किरो ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पीओसीएसओ) अधिनियम, 2012 के अंतर्गत “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” विषय पर जागरूक किया. साथ ही बाल विवाह अपराध के तहत कानून और सजा के प्रावधान के बारे में विस्तृत जानकारी दी. इसके अलावा शिक्षा का अधिकार और समाज में शिक्षा के महत्व को लेकर भी छात्राओं को जागरूक किया गया.
सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा
बाल श्रम, डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी गई. साथ ही मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों के बारे में भी जानकारी साझा की गई.
प्रतियोगिताओं का आयोजन
पीसीआई-यूनिसेफ के सहयोग से भाषण, वाद-विवाद एवं पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता का विषय बाल विवाह, डायन प्रथा तथा सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पर आधारित था.
लघु फिल्मों के जरिए जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह, शारीरिक छवि और आत्मसम्मान से संबंधित लघु फिल्में भी दिखाई गईं, जिसके माध्यम से उन्हें जागरूक और प्रेरित किया गया.
कानूनी अधिकारों पर जोर
इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख ने पॉक्सो एक्ट और कानून से जुड़े कई बिंदुओं पर जागरूक किया. एलएडीसीएस के सहायक गंगाराम टुडू ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए शिक्षा जरूरी है. अपने कानूनी अधिकारों को पाने के लिए जागरूक होना भी आवश्यक है.
ये लोग रहे मौजूद
मौके पर पीसीआई-यूनिसेफ के मो. अनीस, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका, शिक्षिकाएं, छात्राएं समेत पैरा लीगल वॉलिंटियर्स मरियम पिंकी किस्कू, मिरु बेसरा और लक्ष्मी कुमारी मौजूद रहे.
