Hazaribagh:पदमा थाना क्षेत्र की रोमी पंचायत स्थित सुदूरवर्ती गांव हरमबार (बराही) में आयोजित हो रही कथित “चंगाई सभा” को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया. सूचना मिलने पर हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सभा के आयोजन का विरोध जताया.

वर्षों से चल रही थी सभा,ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों और संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गांव निवासी टहल मेहता एवं उनकी पत्नी के घर पर पिछले कई वर्षों से प्रत्येक बुधवार को चंगाई सभा आयोजित की जाती रही है, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल होते हैं.
बाइबिल और धार्मिक पुस्तकों को लेकर बढ़ा विवाद
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि सभा के दौरान ईशु मसीह की प्रार्थना कराई जाती है तथा लोगों को बाइबिल का ज्ञान दिया जाता है. कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि टहल मेहता के घर से बाइबिल समेत ईसाई धर्म से संबंधित कई पुस्तकें मिलीं, जिनमें ईशु मसीह से जुड़ी बातें लिखी हुई हैं. संगठन के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि आयोजक परिवार गांव के पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में भाग नहीं लेता तथा प्रसाद ग्रहण करने से भी परहेज करता है.
मतांतरण के आरोप,संगठन ने दी चेतावनी
हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भोले-भाले और अशिक्षित लोगों को बीमारी एवं परेशानियों से मुक्ति दिलाने का प्रलोभन देकर सभा में बुलाया जाता है. उनका कहना है कि प्रार्थना और धार्मिक उपदेशों के माध्यम से महिलाओं एवं ग्रामीणों को प्रभावित कर मतांतरण के लिए प्रेरित किया जाता है. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.
भविष्य में सभा नहीं करने की बात
मौके पर पहुंचे संगठन के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि गांव में इस प्रकार की सभा तत्काल बंद की जाए, अन्यथा सामाजिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन एवं कार्रवाई की जाएगी. वहीं, जानकारी के अनुसार आयोजनकर्ता की ओर से भविष्य में चंगाई सभा आयोजित नहीं करने की बात कही गई है. घटना के दौरान हिंदूवादी संगठन के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे.
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