Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है. चिलचिलाती धूप, भीषण गर्मी और लू के बीच सड़कों और चौराहों पर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए राहत की एक बड़ी खबर आई है. एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर ट्रैफिक जवानों को तपती धूप से बचाने और उनके शरीर को ठंडा रखने के लिए रांची पुलिस ने एक अनोखा प्रयोग शुरू किया है. अब शहर के ट्रैफिक जवान एयर कूल्ड जैकेट पहने नजर आएंगे. फिलहाल इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. अगर इसके परिणाम सकारात्मक रहते हैं, तो आने वाले दिनों में इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा और शहर के सभी जवानों को यह खास जैकेट दी जाएगी.

कैसे काम करती है यह ‘AC जैकेट’?
यह जैकेट विज्ञान और तकनीक का एक बेहतरीन नमूना है, जो भीषण गर्मी में भी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करती है. इस खास जैकेट के दो हिस्से हैं, जिसमें दो छोटे लेकिन शक्तिशाली पंखे लगे हुए हैं. जैकेट में लगे ये दोनों पंखे मोबाइल चार्ज करने वाले सामान्य पावर बैंक से कनेक्ट होकर चलते हैं. इसे एक बार चार्ज करने पर पंखे लंबे समय तक हवा देते रहते हैं. इस पूरी कूलिंग जैकेट का कुल वजन लगभग दो सौ ग्राम है. वजन थोड़ा ज्यादा होने के बावजूद यह जवानों को गर्मी से जो राहत दे रही है, वह काबिले तारीफ है. इसमें रेडियम रिफ्लैक्टर लगा हुआ है, जो रात में दिखेगा

हीटस्ट्रोक और लू से मिलेगी सुरक्षा: ट्रैफिक एसपी
इस नए प्रयोग को लेकर रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश ने बताया कि फिलहाल सैंपल के तौर पर कुछ ही जैकेट मंगवाई गई हैं. इन्हें प्रयोग के तौर पर शहर के कुछ प्रमुख और व्यस्त ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात जवानों को दिया गया है. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में हमारे जवान लगातार सड़क पर खड़े रहकर ड्यूटी करते हैं. यह जैकेट सैंपल के तौर पर इसलिए दी गई है ताकि हम ग्राउंड लेवल पर इसके परिणाम देख सकें. अगर जवान इसे पहनकर सहज महसूस करते हैं और यह गर्मी से बचाने में पूरी तरह कारगर साबित होती है, तो इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा. वहीं, ट्रैफिक एसीपी का भी मानना है कि लगातार धूप में खड़े रहने के कारण जवानों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। यह जैकेट उच्च तापमान में भी शरीर को ठंडा रखती है, जिससे जवानों को लू और हीटस्ट्रोक का खतरा नहीं रहेगा.

जवानों के लिए ‘वरदान’ साबित होगा जैकेट:
सड़कों पर उड़ती धूल, गाड़ियों के धुएं और ऊपर से सूर्य की तपिश के बीच 8 से 10 घंटे की ड्यूटी करना ट्रैफिक पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में यह कूलिंग जैकेट उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पुलिस विभाग की इस अनूठी पहल की न सिर्फ जवान सराहना कर रहे हैं, बल्कि राहगीर भी ट्रैफिक पुलिस के इस ‘हाई-टेक’ अवतार को देखकर हैरान और खुश हैं. अब देखना यह है कि इस ट्रायल के पूरे होने के बाद रांची के सभी चौराहों पर कब तक यह ‘कूल-कूल’ नजारा देखने को मिलता है.
