Hazaribagh: की पावन धरती पर 50 वर्षों बाद दिगंबर जैन संतों का भव्य मंगल प्रवेश हुआ. महासमाधि धारक आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित और आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य परम पूज्य मुनि श्री 108 धर्म सागर जी महाराज और मुनि श्री 108 भाव सागर जी महाराज गुरुवार सुबह कोडरमा से विहार करते हुए हजारीबाग पहुंचे.

मुनिराजों के आगमन पर जैन समाज में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला. श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दर्शन के बाद मुनिश्री ने श्रद्धालुओं को मंगल आशीर्वाद दिया.
कार्यक्रम की शुरुआत आशा विनायका द्वारा मंगलाचरण से हुई. इसके बाद कोडरमा से आए भक्तों और समाज के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन किया. दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष नागेंद्र विनायक, महामंत्री संजय अजमेरा और अन्य पदाधिकारियों ने कोडरमा से आए श्रद्धालुओं का स्वागत और सम्मान किया.
महिला समाज की ओर से शास्त्र अर्पण और पद प्रक्षालन का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.
आर्यिकाओं की दुर्घटना पर जताया दुख
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज ने हाल ही में हुई दुखद घटना का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी और आर्यिका श्री उपशममति माताजी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु पूरे देश के लिए दुखद है. उन्होंने कहा कि दोनों माताजी का जीवन सेवा, त्याग और साधना से परिपूर्ण था.
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने सड़क सुरक्षा को लेकर कानून में बदलाव की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को नए नियम बनाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
मीडिया प्रभारी विजय लुहाड़िया ने बताया कि शुक्रवार सुबह 7:45 बजे मुनिश्री का मंगल प्रवचन होगा. साथ ही दोनों दिवंगत आर्यिकाओं को श्रद्धांजलि भी अर्पित की जाएगी.
