मजदूरी छोड़ समेकित खेती और बकरी पालन से आत्मनिर्भर बने जामताड़ा के प्रगतिशील किसान सुभाष महतो

Jamtara : जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत उदलबनी पंचायत के आमलाचातर गांव निवासी सुभाष महतो पारंपरिक खेती के साथ समेकित कृषि प्रणाली...

Jamtara : जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत उदलबनी पंचायत के आमलाचातर गांव निवासी सुभाष महतो पारंपरिक खेती के साथ समेकित कृषि प्रणाली अपनाकर जिले में प्रगतिशील किसान के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. कभी मजदूरी कर परिवार चलाने वाले सुभाष महतो आज खेती और पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बन चुके हैं. सुभाष महतो पारंपरिक धान और गेहूं की खेती के साथ-साथ भिंडी, मकई, बरबटी, टमाटर एवं बैंगन जैसी सब्जियों की उन्नत खेती कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली के तहत पशुपालन को भी आय का प्रमुख स्रोत बनाया है. वह तोतापरी, बर्बरी और सिरोही नस्ल के बकरों एवं बकरियों का पालन कर रहे हैं, जिससे उन्हें सालाना करीब डेढ़ लाख रुपये की आय हो रही है. इन नस्लों के बकरे कम समय में तैयार हो जाते हैं और उनका वजन 40 से 50 किलो तक पहुंच जाता है. एक बकरा लगभग 20 से 22 हजार रुपये में बिकता है.

सुभाष महतो की आधुनिक खेती: नेपियर घास, सोलर सिंचाई और कृषि यंत्रों से बढ़ा उत्पादन व घटे खर्च

पशुओं के लिए उन्होंने नेपियर घास की खेती भी शुरू की है, जिससे सालभर हरा चारा उपलब्ध रहता है. इससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और दूध उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होती है. सुभाष महतो कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़कर विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण का लाभ ले रहे हैं. कुसुम योजना के तहत उन्हें सोलर सिंचाई सुविधा मिली है, जिसके माध्यम से वह करीब दो किलोमीटर दूर तक खेतों में पानी पहुंचाकर समयानुकूल खेती कर रहे हैं. इससे उनकी खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है. विभाग की ओर से उन्हें ट्रैक्टर और धान काटने की मशीन भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे कम समय में अधिक क्षेत्र में खेती करना संभव हो पाया है.

सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी: सुभाष महतो बने प्रगतिशील किसान, खेती और पशुपालन से बढ़ी आय

सुभाष महतो ने बताया कि पहले वह ठेकेदार के अधीन मजदूरी का काम करते थे, लेकिन अब कृषि विभाग की योजनाओं से जुड़कर खेती और पशुपालन के माध्यम से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं. वहीं उनकी पत्नी कजली देवी ने कहा कि पहले मजदूरी के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब घर पर रहकर ही अच्छी आमदनी हो रही है, जिससे परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से हो रही है. जामताड़ा जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने बताया कि सुभाष महतो आत्मा योजना से जुड़े प्रगतिशील किसान हैं. विभाग की ओर से उन्हें सोलर ड्रिप सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है ताकि अन्य किसान भी उनसे प्रेरणा लेकर आधुनिक खेती और योजनाओं का लाभ उठा सकें. उन्होंने कहा कि समेकित कृषि प्रणाली के तहत सुभाष महतो के यहां खेती, पशुपालन और अन्य सभी कंपोनेंट एक साथ देखने को मिलते हैं, जो जिले के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है.

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