Ravi Bharti

Ranchi: झारखंड की सियासत इन दिनों विधानसभा या जनता की चौपालों से ज्यादा स्मार्टफोन की स्क्रीन पर धड़क रही है. प्रदेश में एक बेहद खामोश, लेकिन उंगलियों को थका देने वाला युद्ध चल रहा है. यह युद्ध है, किसका बयान व्हाट्सएप ग्रुप में पहले गिरेगा. हालत यह है कि इधर कांग्रेस प्रवक्ता के मोबाइल से सेंड का बटन दबता है, उधर भाजपा प्रवक्ता का रिप्लाई टाइप होकर स्क्रीन पर तैरने लगता है. दोनों दलों के प्रवक्ताओं के बीच चल रहा यह फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट का मुकाबला अब उस स्तर पर पहुंच चुका है, जहां मुद्दे बाद में पैदा होते हैं और प्रवक्ताओं के तर्क पहले से ही पीपीटी बनकर तैयार रहते हैं.
डिजिटल युग का राजनीतिक दंगल
डिजिटल युग का यह वो राजनीतिक दंगल है, जिसमें जीत उसकी नहीं होती जो सच बोल रहा है, बल्कि उसकी होती है जिसका इंटरनेट पैक ज्यादा तेज चल रहा है. अब जनता इस उलझन में है कि मुद्दा राज्य का विकास था या प्रवक्ताओं के चश्मे का नंबर. हर अजब-गजब मुद्दे पर दोनों तरफ से ऐसी जी-तोड़ कोशिश होती है, मानो इस बयान पर ही झारखंड का पूरा भविष्य टिका हो.
डिफेंस ऐसा कि बुलेटप्रूफ जैकेट भी शरमा जाए
दोनों दलों के प्रवक्ताओं की डिफेंड करने की कला किसी ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी जैसी है. अपनी पार्टी की हर गलती को ये प्रवक्ता इस तरह सही ठहराते हैं कि खुद गलती भी सोच में पड़ जाए. अगर सत्ता पक्ष की किसी नीति पर सवाल उठे, तो कांग्रेस प्रवक्ता उसे ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम साबित करने के लिए इतिहास के पन्नों से लेकर भविष्य के काल्पनिक फायदों तक का पुल बांध देते हैं. वहीं, भाजपा प्रवक्ता उस पुल को ढहाने के लिए ऐसे-ऐसे भारी-भरकम शब्दों का मिसाइल छोड़ते हैं कि व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन भी दंग रह जाए. इस जबरदस्त कॉम्पिटिशन का सबसे मजेदार पहलू यह है कि यहां कोई थकता नहीं है.
बयानबाजी की राजनीति का नया डिजिटल एंगल
अब राजनीति ग्राउंड रिपोर्टिंग से शिफ्ट होकर स्क्रीन टाइमिंग पर आ गई है. प्रवक्ताओं को इस बात से फर्क नहीं पड़ रहा कि जनता तक उनकी बात जमीनी स्तर पर कितनी पहुंच रही है, होड़ बस इस बात की है कि मीडिया के व्हाट्सएप ग्रुप में स्पेस किसने पहले घेरा. झारखंड की राजनीति अब परसेप्शन (धारणा) के खेल पर टिकी है. जो पहले लिखेगा, जो ज्यादा तीखा लिखेगा, वही दिन भर की डिबेट का रुख तय करेगा. नतीजा यह है कि जनता बुनियादी मुद्दों की तलाश में भटक रही है और प्रवक्ता व्हाट्सएप के ब्लू टिक को ही अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक विजय मानकर मुस्कुरा रहे हैं.
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