Ranchi : कहने को तो ये समाज सेवा, विकास और लोक कल्याण के बड़े-बड़े दावों के साथ सरकारी फाइलों में दर्ज हुईं,...
Ranchi : कहने को तो ये समाज सेवा, विकास और लोक कल्याण के बड़े-बड़े दावों के साथ सरकारी फाइलों में दर्ज हुईं, लेकिन जब बात अपने काम का हिसाब देने की आई, तो इन सोसाइटियों ने मौन व्रत धारण कर लिया. राजधानी रांची में निबंधन (रजिस्ट्रेशन) कराकर भूल जाने का एक बड़ा खेल सामने आया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार रांची जिलंे की 4195 रजिस्टर्ड सोसाइटियों ने सालों से अपनी वार्षिक रिपोर्ट जिला प्रशासन या संबंधित विभाग को सौंपने की ज़हमत तक नहीं उठाई है.
460 सोसाइटियों का वार्षिक रिर्पोट भी रेगुलर नहीं
इतना ही नहीं 460 सोसाइटियां ऐसी भी हैं, जो कभी-कभार जागती तो हैं, लेकिन उन्होंने रेगुलर ( नियमित ) तौर पर अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की है. जिला प्रशासन अब इन कागज़ी सोसाइटियों की कुंडली खंगाल कर इन्हें नोटिस भेजने और कार्रवाई करने के मूड में है.
क्या है कार्रवाई का प्रावधान
- सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत हर पंजीकृत संस्था के लिए वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद अपनी ऑडिटेड बैलेंस शीट, गवर्निंग बॉडी की लिस्ट और वार्षिक कार्य रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य है. अगर कोई सोसाइटी लगातार ऐसा नहीं करती है, तो प्रशासन के पास कानूनी कार्रवाई का अधिकार है.
- लगातार डिफ़ॉल्टर रहने वाली सोसाइटियों का रजिस्ट्रेशन हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है.
- बिना रिपोर्ट के ये संस्थाएं ब्लैकलिस्ट हो जाती हैं. जिससे इन्हें मिलने वाला कोई भी सरकारी या गैर-सरकारी फंड, डोनेशन और ग्रांट तुरंत रोक दी जाती है.
- नियमों की अनदेखी करने पर सोसाइटी के पदाधिकारियों पर वित्तीय गड़बड़ी और कानूनी नोटिस के तहत जुर्माना या कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.