Newswave Desk: इनकम टैैक्स रिटर्न (ITR) भरना अब सिर्फ एक जरूरी प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि इसके लिए सही जानकारी और जरूरी दस्तावेजों का अपडेट होना भी बेहद जरूरी हो गया है. नए नियमों के मुताबिक, आईटीआर फाइल करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका पैन कार्ड और आधार कार्ड आपस में लिंक हो.

अगर आप टैक्स रिफंड पाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक खाते का वेरिफिकेशन कराना जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, रिटर्न दाखिल करने के बाद ओटीपी, नेट बैंकिंग या डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होती है, तभी रिफंड मिल पाता है.
टैक्स छूट का भी लाभ
आईटीआर भरने से पहले फॉर्म-16, वार्षिक सूचना विवरण (AIS), करदाता सूचना सारांश (TIS) और फॉर्म-26AS की जांच जरूर कर लेनी चाहिए. इसके अलावा मकान किराया, एलटीसी, धारा 80C के तहत निवेश, धारा 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा और होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट का भी लाभ लिया जा सकता है.
जानकारी के अनुसार, नौकरीपेशा लोगों को अपनी सैलरी स्लिप, फॉर्म-16 और किराए की रसीदें संभालकर रखनी चाहिए. वहीं पेंशन पाने वालों को पेंशन से जुड़े दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है. इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति के विदेश में बैंक खाते, शेयर या संपत्ति हैं, तो उसकी जानकारी आईटीआर में देना जरूरी है. ऐसा नहीं करने पर भारी जुर्माना लग सकता है और जांच भी हो सकती है.
