Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का इन्यूमरेशन चरण पूरा हो गया है. अब निर्वाचन आयोग 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी करेगा. इसके बाद जिन लोगों का नाम सूची में नहीं होगा, उन्हें दावा-आपत्ति और नया नाम जोड़ने का अवसर मिलेगा.

‘विशेष अभियान का अच्छा असर देखने को मिला’
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि विशेष अभियान का अच्छा असर देखने को मिला है. पहले राज्य में बड़ी संख्या में मतदाता अन-मैप्ड श्रेणी में थे, लेकिन लगातार सत्यापन और घर-घर अभियान के बाद यह संख्या काफी कम हो गई है. उन्होंने बताया कि 23 मई 2026 को राज्य में 70.62 लाख अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची सभी मतदान केंद्रों पर लगाई गई थी. अभियान शुरू होने से पहले यह संख्या घटकर 47.42 लाख रह गई थी. बीएलओ, राजनीतिक दलों के बीएलए-2 और स्वयंसेवकों की मदद से चलाए गए अभियान के बाद अब केवल 14.02 लाख (5.3 प्रतिशत) मतदाता ही अन-मैप्ड श्रेणी में बचे हैं.
पिछली SIR की मतदाता सूची है आधार दस्तावेज
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची को आधार दस्तावेज माना गया है. जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड सही पाया जाएगा और किसी तरह की विसंगति नहीं होगी, उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि अब शेष अन-मैप्ड मतदाताओं का सत्यापन निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) के स्तर पर किया जाएगा. जांच पूरी होने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम भी सूची में जोड़ दिए जाएंगे.5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद जिन पात्र लोगों का नाम सूची में नहीं होगा, वे फॉर्म-6 और घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर सकेंगे. वहीं, नए मतदाता भी इसी प्रक्रिया के जरिए अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकेंगे.
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