Simdega : श्री रामरेखा धाम को सरकार द्वारा पर्यटन स्थल घोषित किए जाने से सनातन समाज में आक्रोश है. इसके विरोध में सिमडेगा सहित ओड़िशा और छत्तीसगढ़ से हजारों की संख्या में सनातन समाज के लोग गांधी मैदान में जुटे और आक्रोश मार्च निकला. आक्रोश मार्च के दौरान सभी लोग श्री रामरेखा धाम को पर्यटन क्षेत्र की जगह तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग किए. इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने पर्यटन मंत्री और डीसी सिमडेगा के नाम से एसडीओ को ज्ञापन सौंपा.
विहिप के जिलाध्यक्ष ने कहा कि श्री रामरेखधाम लोगों के आस्था का केंद्र है. इसे पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने से यहां अधर्मियों का भी आगमन होगा. जिससे धार्मिक तीर्थ स्थल अपवित्र हो जाएगा. उन्होंने सरकार से मांग की है कि श्रीरामरेखा धाम को पर्यटन स्थल की जगह अयोध्या के जैसे हीं तीर्थ स्थल घोषित किया जायें.

राजकीय मेला आयेाजित कर पवित्रता को ठेस पहुंचाया
वहीं श्रीरामरेखा धाम विकास समिति के सचिव ने कहा कि श्रीरामरेखा धाम के कार्तिक पूर्णिमा मेला को राजकीय मेला घोषित कर प्रशासनिक स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. जिसमें कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल से शराब की खाली बोतलें मिली थी. यही नहीं वहां लोग मांस का भी प्रयोग किए थे. जो कि श्रीरामरेखा धाम की पवित्रता को ठेस पहुंचाती है. उन्होंने भी श्रीरामरेखा धाम को पर्यटन स्थल की जगह तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग की है.
ALSO READ : 10 से 15 जून तक रेल यात्री रहें सतर्क, रांची-हटिया रूट की 20 ट्रेनें रहेंगी रद्द
