NewsWave Desk : असम में आयी बाढ़ पिछले 50 सालों के दौरान आयी भयावह बाढ़ रही. सिर्फ शिवसागर जिला में 30 लोगों की मौत हो गयी. वहीं अब भी सैकड़ों लोग लापता है. हालांकि अब बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन हालात अब भी सामान्य नहीं है. ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन AASU ने केंद्र सरकार से असम के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की है. यूनियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की भी अपील की है. इस दौरान ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन AASU के महासचिव समीरन फुकन ने कहा कि यह पूरे राज्य के लिए संकट की घड़ी है. हजारों लोग भारी मुश्किलों का सामना कर रहे है. सिवसागर का हर व्यक्ति इस बाढ़ से पीड़ित है. हम चाहते है कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री यहां आएं और लोगों का दर्द खुद महसूस करें. असर सरकार अपनी ओर से कोशिश कर रही है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है.
कई गांव जहां राहत नहीं पहुंची
फुकन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जिन लोगों ने इस बाढ़ में अपना घर, खेती, पशुधन और जीवनभर की जमा-पूंजी खो दी है. उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए. जिससे वे फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सके. उन्होंने कहा कि AASU भी लगातार राहत कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन कई ऐसे गांव है जहां अब तक राहत नहीं पहुंची है क्योंकि वहां संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है.
पानी कम हो रहा लेकिन कई गांव अब भी जलमग्न
सिवसागर जिले में कई इलाकों में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है, लेकिन डोरिका नदी के किनारे स्थित राजाबाड़ी गांव सहित कई गांव अब भी जलमग्न है. ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आया कि लोगों को अपने घरों से सामान निकालने तक का समय नहीं मिला.
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