Seraikela: समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया. इस दौरान जिले के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों से क्रमवार मिलकर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया.

ये मामले आए सामने
जनता दरबार में मुख्य रूप से निम्न मुद्दे उठे:
- भूमि विवाद: कई आवेदकों ने सौतेले भाई द्वारा जमीन एवं घर पर जबरन कब्जा करने की शिकायत की.
- अनुकम्पा के मामले: अनुकम्पा आधारित नियुक्ति व पेंशन से जुड़े आवेदन आए.
- पेयजल समस्या: राजनगर प्रखंड अंतर्गत बढ़ासिजुलता एवं जाम्बनी में वंचित घरों को नल-जल योजना से जोड़ने की मांग रखी गई.
- शिक्षा: मध्य विद्यालय जाम्बनी के जर्जर भवन को ध्वस्त कर चारदीवारी निर्माण कराने की मांग की गई. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गम्हरिया में नामांकन का मामला भी उठा.
- आंगनबाड़ी में अनियमितता: गम्हरिया एवं चांडिल में आंगनबाड़ी सेविका चयन में अनियमितता की शिकायत की गई.
- खनन व वन भूमि: पत्थर खदान, क्रशर इकाई, बालू घाट एवं ईंट भट्ठा से संबंधित नियमों के सरलीकरण की मांग रखी गई. नीमडीह प्रखंड अंतर्गत हूंडरू पारडीह में वन भूमि पर अवैध रूप से पत्थर एवं बालू भंडारण कर वन भूमि एवं वृक्षों को क्षति पहुंचाने की शिकायत मिली.
डीसी ने दिए त्वरित निष्पादन के निर्देश
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. भूमि विवाद के मामलों में अंचल अधिकारियों को स्थल जांच कर रिपोर्ट देने को कहा. नल-जल योजना से वंचित घरों की सूची PHED विभाग को सौंपते हुए 15 दिन में कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया.
वन भूमि पर अवैध भंडारण की शिकायत पर डीएफओ एवं खनन पदाधिकारी को संयुक्त जांच कर 48 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा गया. डीसी ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का एक ही छत के नीचे समाधान करना है. सभी अधिकारी संवेदनशीलता से मामलों का निष्पादन करें.
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