Bokaro: उपायुक्त कार्यालय के समक्ष समाजसेवी सतीश जायसवाल अपनी परदादा की पुस्तैनी संपत्ति से जुड़े कथित जालसाजी और अनियमितताओं के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. धरने के दूसरे दिन उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पुस्तैनी प्लॉट संख्या 6886 (खाता संख्या 519) पर लंबे समय से रह रहे कुछ लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा और अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

किरायेदारों पर अवैध कब्जे की कोशिश का आरोप
सतीश जायसवाल ने आरोप लगाया कि प्लॉट पर लंबे समय से रह रहे कुछ किरायेदारों ने मिलकर लाखों रुपये के बकाया किराये और दुकान-मकान पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की है. आरोपियों में माहेश्वरी टी कंपनी के सुरेश पेरीवाल, उत्तम बासनालय के राज सिंह जायसवाल, सुधा ज्वेलर्स के मेवालाल प्रसाद, स्मार्ट टेलर्स के हसीब व रहमान और मुख्य अभियुक्त सुरेश जायसवाल उर्फ “चीकू” का नाम शामिल है.
फर्जी किराया रसीद और अवैध रजिस्ट्री का दावा
पीड़ित का दावा है कि वर्ष 2015 से 2022 तक की फर्जी किराया रसीदें तैयार की गईं और नवंबर 2022 में उन्हें छपवाकर न्यायालय में जमा किया गया. साथ ही कोलकाता का कथित फर्जी पता बताकर अवैध रजिस्ट्री कराने और संपत्ति से जुड़े झूठे दस्तावेज तैयार करने का आरोप भी लगाया गया है.
Also Read: ब्लेड से लॉकेट काट ले उड़ा बदमाश, मासूम लहूलुहान
अधिकारियों पर भी लगाए गंभीर आरोप
सतीश जायसवाल ने आरोप लगाया कि मामले में चास अंचल अधिकारी, 03 नंबर हल्का कर्मचारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) चास और सब-रजिस्ट्रार जैसे अधिकारियों ने कथित रूप से पद का दुरुपयोग करते हुए सहयोग किया. उन्होंने कहा कि बिना वंशावली, बंटवारा या वैध डीड दस्तावेजों के कार्रवाई की गई.
न्याय नहीं मिला तो आंदोलन होगा तेज
सतीश जायसवाल ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो वे राजभवन या राज्य विधान भवन, रांची के समक्ष आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं. उन्होंने स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है. वहीं प्रशासन से फास्ट ट्रैक जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
