Jamtara : जिला के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत चर्चित चलना बालू घाट से अवैध बालू उठाव फिर से शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दर्जनों ट्रैक्टरों की लंबी कतार कच्चे रास्तों से गुजरती दिखाई दे रही है. जिससे क्षेत्र में खुलेआम अवैध बालू कारोबार होने की चर्चा तेज हो गई है. वायरल वीडियो में करीब 25 से 30 ट्रैक्टर एक साथ बालू ढोते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि चलना बालू घाट से प्रतिदिन लगभग 200 ट्रैक्टर बालू का उठाव किया जाता है.
सूत्रों के अनुसार, यहां से भारी मात्रा में बालू जामताड़ा, नारायणपुर, गिरिडीह और धनबाद तक भेजा जा रहा है. वीडियो सामने आने के बाद पूरे जिले में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. गौरतलब है कि चलना बालू घाट पूर्व से ही विवादों और अवैध कारोबार को लेकर चर्चा में रहा है.

माइनिंग इंस्पेक्टर को दिया है निर्देश
मामले पर जामताड़ा उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया है. माइनिंग इंस्पेक्टर को तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि बालू घाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और जल्द ही सभी घाटों का विधिवत बंदोबस्त कर दिया जाएगा बंदोबस्ती पूरी होने के बाद अवैध उठाव जैसी गतिविधियों पर स्वतः नियंत्रण लग जाएगा.
अन्य इलाकों में भी अवैध गतिविधियों की जानकारी
वहीं आमलाचातर गांव स्थित दुपकवारा स्थान में मेमर्स रूपचक एंटरप्राइजेज के अनुज्ञप्ति संख्या जे-062416028 के तहत संचालित बालू स्टॉक को लेकर भी क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं. इस संबंध में उपायुक्त ने बताया कि हाईकोर्ट के एक मामले के आलोक में संबंधित कंपनी को वैध लाइसेंस प्राप्त है. उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इसके अलावा नारायणपुर प्रखंड के नयाडीह क्षेत्र में हो रही कथित पत्थर ब्लास्टिंग को लेकर भी उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस मामले में कार्रवाई की गई थी. यदि दोबारा अवैध ब्लास्टिंग की गतिविधियां सामने आती हैं तो पुन छापेमारी कर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. प्रशासन अवैध खनन और कारोबार पर पूरी तरह सख्त है.
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