Ranchi: रांची नगर निगम को शहर के बड़े संस्थानों, बैंकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लापरवाही के कारण भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 तक कुल 652 डिफॉल्टर्स पर करीब 11.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है. इनमें मार्केट किराया बकायेदार, वाटर यूसेज चार्ज डिफॉल्टर्स और टॉप-100 बकायेदार शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक नगर निगम के मार्केट सेक्शन में 258 डिफॉल्टर चिह्नित किए गए हैं, जबकि वाटर यूसेज चार्ज के 294 बकायेदारों की सूची तैयार की गई है. इसके अलावा टॉप-100 डिफॉल्टर्स की अलग सूची भी निगम ने बनाई है, जिन पर करोड़ों रुपये बकाया हैं. लगातार नोटिस भेजे जाने के बावजूद कई संस्थान वर्षों से भुगतान नहीं कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: ड्यूटी पर तैनात रांची नगर निगम के एनफोर्समेंट ऑफिसर रंजीत टोप्पो को ऑटो ने मारी टक्कर, हालत नाजुक
बकायेदारों में बड़े-बड़े नाम
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बकायेदारों की सूची में शहर के नामी शिक्षण संस्थान और बड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं. इनमें BIT लालपुर और ISM पुंदाग जैसे संस्थानों का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है. वहीं जल उपयोग शुल्क नहीं जमा करने वालों में कई बड़े बैंक, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं, जो लंबे समय से निगम का भुगतान रोककर बैठे हैं. नगर निगम द्वारा बार-बार नोटिस जारी करने और संपर्क करने के बावजूद कई संस्थानों की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हो रही है. इससे निगम की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है और विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है. सड़क, सफाई, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं के संचालन के लिए निगम को नियमित राजस्व की आवश्यकता होती है, लेकिन करोड़ों रुपये फंसे रहने से योजनाओं के क्रियान्वयन में परेशानी बढ़ रही है.
यह भी पढ़ें: इंडियन ओवरसीज बैंक डकैती कांड में आरोपियों को झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
