वतन की तरक्की और दिलों में मोहब्बत की दुआ : झारखंड में अकीदत और कौमी एकता के साथ मनायी गयी बकरीद

Ranchi। राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में पारंपरिक संजीदगी और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया. सुबह की ताजी हवाओं में जब...

नमाज पढ़ते लोग

Ranchi। राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में पारंपरिक संजीदगी और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया. सुबह की ताजी हवाओं में जब तकबीर की सदाएं गूंजीं, तो फिजां में एक अलग ही रूहानी सुकून घुल गया. क्या शहर और क्या गांव, हर तरफ सुबह से ही एक अनोखा उल्लास देखने को मिला. नए लिबास में सजे, इत्र की खुशबू से महकते नमाजी जब मस्जिदों और ईदगाहों की तरफ बढ़े, तो सामाजिक सद्भाव की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर उभरकर सामने आई.

अमन-चैन, खुशहाली और आपसी मोहब्बत की दुआ

राजधानी रांची के मुख्य ईदगाह समेत राज्य की तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के हजारों अकीदतमंदों ने सिर झुकाकर सामूहिक रूप से नमाज अदा की. जैसे ही नमाजियों के हाथ खुदा की बारगाह में उठे, तो जुबां पर सिर्फ अपनी तरक्की नहीं, बल्कि पूरे मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी मोहब्बत की दुआएं थीं. नमाज के मुकम्मल होते ही लोग एक-दूसरे के गले मिले और ईद मुबारक कहकर नफरतों को मिटाने और दिलों को जोड़ने का पैगाम दिया. त्योहार के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाएं रखने के लिए प्रशासन बेहद मुस्तैद दिखा. रांची के तमाम संवेदनशील चौराहों और मस्जिदों के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती रही, तो वहीं कई इलाकों में तीसरी आंख यानी ड्रोन कैमरों से पल-पल की निगरानी की गई.

त्याग और समर्पण का त्योहार है बकरीद

एक दूसरे को बकरीद की बधाई देते हुए

सिमडेगा में बकरीद के दौरान मस्जिदों में सुबह से ही नमाज पढ़ी गयी. अलग अलग मस्जिदों में अलग अलग समय में नमाज पढ़ी गयी. इस दौरान लोगों में उत्साह देखा गया. नमाज से पूर्व मौलाना शाकिब ने उपस्थित नमाजियों को संबोधित करते हुए बकरीद के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि बकरीद त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास का संदेश देती है. उन्होंने समाज में बढ़ती नशाखोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से नशे से दूर रहने और शिक्षा को अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही बेहतर और मजबूत समाज का निर्माण कर सकता है. बकरीद को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभिन्न चौक चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे.

इस्लाम भाईचारे का संदेश देता है

जामताड़ा में बकरीद में मुस्लिम समुदाय के बीच उत्साह देखा गया. लोगों ने नमाज के साथ ही खुशहाली की दुआं मांगी. इस दौरान जामताड़ा शहर के न्यू टाउन, पाकडीह, सरखेलडीह समेत विभिन्न ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ देखी गयी.  पाकडीह और सरखेलडीह जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अख्तर राजा ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई. उन्होंने कहा कि इस्लाम हमेशा अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है.इस दौररान जिला में जिला में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस प्रशासन लगातार निगरानी करती रही.

सिर्फ कुर्बानी नहीं, समर्पण का प्रतिक है

बोकारो में ईद उल अजहा के लिये लोगों में उत्साह देखा गया. जहां सुबह से मस्जिदों में नामाजियों की भीड़ देखी गयी. नमाज के दौरान ईदगाहों पर राज्य और देश की खुशहाली की दुआ मांगी गयी. इस दौरान मस्जिदों में संदेश दिया गया कि यह त्योहार सिर्फ कुर्बानी के लिए नहीं मनाया जाता है. बल्कि अल्लाह और एक दूसरे के प्रति समर्पण, त्याग और प्रेम का प्रतीक है. जिला में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये है. जगह जगह पुलिस टीम देखी जा रही है. वहीं, डीसी और पुलिस अधीक्षक सुरक्षाा की निगरानी कर रहे है.

 

इस्लाम का मूल संदेश इंसानियत

पाकुड़ के अलग अलग मस्जिदों में लोगों ने इस दौरान नमाज अदा की गयी. सामुहिक नमाज के बाद मौलानों ने नामाजियों को संदेश दिया. इमाम मौलाना अब्दुल रब ने बकरीद के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यह त्योहार आत्मसमर्पण और अल्लाह की राह में सर्वोच्च बलिदान का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि बकरीद का यह पावन पर्व याद दिलाती है कि समाज और इंसानियत की भलाई के लिए त्याग से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए. इस्लाम का मूल संदेश ही इंसानियत है. इस दौरान चेंगाडांगा, सीतापहाड़ी, ईलामी, झिगरहटी, फरसा और रहसपुर सहित तमाम गांवों की ईदगाहों व मस्जिदों में नमाज पढ़ी गयी. जिला में पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात देखा गया.

 

एकता बनायें रखने की अपील की

गिरिडीह में शांतिपूर्ण तरीके से बकरीद की नमाज पढ़ी गयी. सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. इस अवसर पर देश दुनिया में अमन, शांति, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी गई. बगोदर, डुमरी, गांवा, देवरी, जमुआ, धनवार, बिरनी, पीरटांड़ समेत अन्य इलाकों के मस्जिदों में नमाज अदा की गयी. नमाज को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. इस दौरान मस्जिदों में त्याग, बलिदान, इंसानियत और भाईचारे का संदेश दिया गया. लोगों से समाज में प्रेम, सौहार्द और एकता बनायें रखने की अपील की गयी.

 

ALSO READ : धनबाद : कोयला के वर्चस्व को लेकर गैंगवार, अंधाधुंध फायरिंग में 3 को लगी गोली, इलाके में तनाव

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *