Jamtara : जिले के सारठ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय है. हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर वाहनों का चलना तो दूर, लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र के कालाझरिया मोड़ स्थित फाटक से बागबेर रोड तक सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. वहीं मुख्य सड़क से पंचायत मंडप कार्यालय तक जाने के लिए पक्की सड़क तक नहीं है. जिससे ग्रामीणों को कच्ची पगडंडी और खेतों के किनारे होकर गुजरना पड़ता है.
इसके अलावा बारादाहा पंचायत के सलाया से बारादाहा तक की सड़क भी लंबे समय से बदहाल है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों से इन सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है. जगह जगह बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं और बरसात का पानी जमा होने से स्थिति और भयावह हो जाती है. कई बार बाइक सवारों को वाहन छोड़कर पैदल चलना पड़ता है.

सालों से खराब है सड़क
बागबेर गांव निवासी शहाबुद्दीन अंसारी ने बताया कि कालाझरिया फाटक से शीतलपुर तक सड़क की हालत वर्षों से खराब है. यहां साप्ताहिक हाट भी लगता है. जिससे लोगों का आवागमन अधिक रहता है. खराब सड़क के कारण कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की. लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई.
बरसात में स्थिति और बदतर हो जाती है
वहीं कमरूदीन अंसारी ने बताया कि कालाझरिया से बारादाहा तक सड़क इतनी जर्जर है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि कालाझरिया से शीतलपुर, अलगचुवा, भिठरा और नवाडीह जाने वाली यह मुख्य सड़क है. बरसात में पानी भरने के बाद यहां से वाहनों का गुजरना लगभग असंभव हो जाएगा. ग्रामीणों ने सरकार से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है.
जिला परिषद् के पास सीमित फंड
मामले को लेकर जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र मंडल ने कहा कि जिला परिषद फंड सीमित होने के कारण इतनी बड़ी सड़क का निर्माण संभव नहीं है. उन्होंने स्थानीय विधायक और सांसद से सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की. सुरेंद्र मंडल ने कहा कि क्षेत्र से मंत्री और विधायक रहने के बावजूद अब तक सड़क का निर्माण नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है.
ALSO READ : वन विभाग पर उठे सवाल: सेंचुरी से हाथियों के पलायन पर रोक क्यों नहीं
