विनीत आभा उपाध्याय

रांची: झारखंड के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक पापा जी की खूब चर्चा हो रही है. चर्चा साहेब और मेमसाहब के काम की नहीं बल्कि उनके पापा जी द्वारा रांची के बोड़ेया इलाके में एक जमीन के कब्जे को लेकर मचे घमासान की है. पापा जी की बेटी और दामाद दोनों ही कई जिलों की कमान संभाल चुके हैं और अभी भी ठीक- ठाक जगह पर हैं. शायद यही वजह है कि पापा जी के हौसले सातवें आसमान पर हैं.
Also Read: वन भूमि घोटाले में जेल में बंद IAS विनय चौबे ने हाईकोर्ट से मांगी बेल
आरोप है कि साहेब और मेमसाहब के नाम का इस्तेमाल कर जमीन पर कब्जा जमाया जा रहा है और जमीन कब्जा कर उसे एक बड़े बिल्डर को दे दिया गया है ताकि वहां बड़ी और ऊंची बिल्डिंग बन सके. जमीन का कुल क्षेत्रफल लगभग डेढ़ एकड़ से ज्यादा है. खुद को जमीन के असली मालिक बताने वाले लोग कागजात लेकर दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन रसूख के आगे सभी लोग चुप हैं.
Also Read: नीतीश कुमार ने बुलाई जेडीयू की अहम बैठक, शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर जुटेंगे विधायक-सांसद
आरोप है कि ससुर जी ने बोड़ेया को अपनी जागीर समझ लिया है. प्रशासनिक गलियारों में कानाफूसी है कि क्या ऊपर वाले इस मामले में दखल देंगे या साहब के ससुर होने का सर्टिफिकेट हर शिकायत पर भारी पड़ेगा? शिकायतें तो कई दफ्तरों की धूल फांक रही हैं लेकिन उन शिकायतों के पन्नों को रद्दी में डाल दिया जाएगा या फिर कार्रवाई की जाएगी यह देखना दिलचस्प होगा.

