Ranchi: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा के हमलों पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा को सरकार पर आरोप लगाने से पहले राज्य में अपने लंबे शासनकाल का लेखा-जोखा जनता के सामने रखना चाहिए. कांग्रेस का आरोप है कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों की बदहाली का हवाला देकर भाजपा राजनीति कर रही है, उनकी जर्जर स्थिति की नींव खुद भाजपा सरकारों ने रखी थी. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि मौजूदा सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. नए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार और ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.

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भाजपा केवल आरोपों की कर रही राजनीति
उन्होंने भाजपा पर संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी दुखद घटना को राजनीतिक हथियार बनाना भाजपा की पुरानी कार्यशैली रही है. सरकार जहां कमियों को स्वीकार कर सुधारात्मक कदम उठा रही है, वहीं भाजपा केवल आरोपों की राजनीति कर जनता को भ्रमित करने में लगी है. कांग्रेस ने केंद्र सरकार को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंचा सकी. स्वास्थ्य बजट अब भी जरूरत के मुकाबले कम है, इलाज और दवाइयों का खर्च लगातार बढ़ रहा है तथा डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी राष्ट्रीय स्तर की चुनौती बनी हुई है.
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राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध: राकेश सिन्हा
राकेश सिन्हा ने सवाल उठाया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों को समय पर भुगतान क्यों नहीं हो रहा है? चिकित्सा उपकरणों और दवाओं पर कर का बोझ क्यों बना हुआ है? और स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र का निवेश बढ़ाने के दावे जमीनी स्तर पर क्यों नहीं दिख रहे हैं? कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और जहां कहीं कमियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. पार्टी ने भाजपा पर झारखंड की छवि खराब करने और नकारात्मक राजनीति के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
