Bokaro: प्रशासनिक संवेदनशीलता और जनसरोकार के प्रति प्रतिबद्धता का एक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से अनशन पर बैठे चास निवासी सतीश जायसवाल के पास स्वयं उपायुक्त अजय नाथ झा पहुंचे और उनका अनशन समाप्त करवाया. समाहरणालय से निकलने के दौरान जैसे ही उपायुक्त की नजर अनशन स्थल पर पड़ी, उन्होंने तत्काल चालक को गाड़ी रोकने और वापस अनशन स्थल की ओर पीछे ले जाने का निर्देश दिया. प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच उनका यह कदम वहां मौजूद लोगों के लिए सुखद आश्चर्य का विषय बन गया. अनशन स्थल पर पहुंचकर उपायुक्त ने सतीश जायसवाल से आत्मीयता के साथ बातचीत की. उन्होंने उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना तथा समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया. मौके पर ही अनुमंडल पदाधिकारी (चास) प्रांजल ढांडा को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए संबंधित मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया.

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‘प्रशासन सुन रहा है’ डीसी ने दिया संदेश
उपायुक्त के इस मानवीय व्यवहार से अनशनरत सतीश जायसवाल ने प्रशासन के प्रति विश्वास व्यक्त किया और अपना अनशन समाप्त कर दिया. इस दौरान उपस्थित लोगों ने भी उपायुक्त की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की. यह पहल केवल एक अनशन समाप्त कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि जिला प्रशासन आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति सजग और संवेदनशील है.
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