Ranchi: झारखंड में भूमि प्रबंधन और परिवहन सेवाओं को आधुनिक एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया, कि सरकारी सेवाओं को तकनीक आधारित, पारदर्शी और आम जनता के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जाए.

भूमि अभिलेखों के व्यापक डिजिटलीकरण को लेकर लिया गया निर्णय
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय राज्य के भूमि अभिलेखों के व्यापक डिजिटलीकरण को लेकर लिया गया. अब जमीन खरीदने से पहले नागरिक एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे कि संबंधित भूमि सरकारी अधिग्रहण की प्रक्रिया में है, पहले से अधिग्रहित है या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी हुई है. सरकार का मानना है कि इससे जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और भूमि विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी.
खासमहल जमीन के मामलों में मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने खासमहल भूमि से संबंधित लीज नवीनीकरण, हस्तांतरण और भूमि उपयोग परिवर्तन की जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाने का निर्देश दिया. साथ ही सभी लीजधारकों की मैपिंग और दस्तावेजों के पुनः सत्यापन का आदेश दिया गया, ताकि रिकॉर्ड व्यवस्थित हों और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लग सके.
अब पंचायतों में बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था शुरू करने का निर्देश दिया. इससे दूर-दराज के लोगों को परिवहन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. साथ ही मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना को और प्रभावी बनाने के लिए सड़क नेटवर्क के विस्तार, नए रूटों की पहचान और जिलावार रूट चार्ट तैयार करने पर भी जोर दिया गया.
सड़क सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती
बैठक में जमशेदपुर में बन रहे ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईडीटीआर) और धनबाद के आधुनिक वाहन निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र की प्रगति की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ब्लैक स्पॉट की पहचान, जनजागरूकता अभियान और नियमों के सख्त अनुपालन पर विशेष ध्यान देने को कहा. गुड सेमेरिटन और हिट एंड रन मुआवजा योजनाओं को भी आम लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया.
जल्द शुरू होगी ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा-1944’
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा-1944’ को जल्द धरातल पर उतारने का निर्देश दिया. यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए शुरू की जा रही है. इसके अलावा सरकारी कार्यालयों और थाना परिसरों में वर्षों से खड़े अनुपयोगी वाहनों के निस्तारण के लिए भी ठोस नीति बनाने का निर्देश दिया गया, ताकि सरकारी परिसरों को व्यवस्थित किया जा सके और राजस्व सृजन के नए अवसर विकसित हों.
बैठक की मुख्य बातें
भूमि अभिलेखों का बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण होगा.
जमीन खरीदने से पहले पूरी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी.
खासमहल जमीन की प्रक्रियाएं होंगी आसान और पारदर्शी.
पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस कैंप लगाए जाएंगे.
ग्राम गाड़ी योजना के लिए बेहतर सड़क और रूट नेटवर्क विकसित होगा.
सड़क सुरक्षा योजनाओं और आपातकालीन सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार.
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