ट्रेजरी वेतन घोटाला: अब सीआईडी खंगाल रही कैश ट्रेल, ऑनलाइन के बाद अब नकदी के खेल पर नजर

Ranchi: झारखंड के अलग-अलग जिलों में सरकारी खजाने (कोषागार) में सेंध लगाकर करोड़ों रुपये की अवैध वेतन निकासी करने वाले बड़े रैकेट...

Treasury Salary Scam
सांकेतिक तस्वीर

Ranchi: झारखंड के अलग-अलग जिलों में सरकारी खजाने (कोषागार) में सेंध लगाकर करोड़ों रुपये की अवैध वेतन निकासी करने वाले बड़े रैकेट के खिलाफ सीआईडी की एसआईटी ने अब अपनी जांच का गियर बदल दिया है. वित्त विभाग की अनुशंसा और मुख्यमंत्री के आदेश के बाद मामले को टेकओवर करने वाली सीआईडी की विशेष जांच टीम को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के पुख्ता सबूत तो मिल चुके हैं, लेकिन अब सबसे बड़ा फोकस नकदी के प्रवाह पर है. सीआईडी के अधिकारी अब यह डेटा जुटा रहे हैं कि जिन लोगों के बैंक खातों में अवैध रूप से वेतन की राशि ट्रांसफर की गई, उन्होंने बैंक से नकदी निकालकर मुख्य साजिशकर्ताओं को कितना हिस्सा वापस लौटाया. पुलिस का मानना है कि इस रिवर्स कैश फ्लो को डिकोड करते ही इस बात का साफ पता चल जाएगा, कि सरकारी खजाने से लूटे गए इस अवैध धन को किस माध्यम से और किन-किन सफेदपोशों के बीच चैनलाइज किया जा रहा था.

तबादलों से थोड़ी धीमी पड़ी रफ्तार, चार्ज लेते ही फिर रेस पकड़ेगा अनुसंधान

हाल के दिनों में राज्य पुलिस महकमे में हुए बड़े पैमाने पर अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन के चलते इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की जांच की प्रगति थोड़ी धीमी जरूर पड़ी है. हालांकि, केस के प्रभार का लेन-देन पूरा होते ही अनुसंधान के फिर से पूरी रफ्तार पकड़ने की संभावना है. महकमे में दो बड़े प्रशासनिक बदलाव हुए हैं. सीआईडी थाने में दर्ज हजारीबाग के इस केस के मूल अनुसंधानकर्ता सीआईडी के थानेदार नवल किशोर प्रसाद थे. इंस्पेक्टर से डीएसपी पद पर प्रोन्नत होने के बाद उनका स्थानांतरण हो चुका है. अब हजारीबाग सीआईडी में नवपदस्थापित डीएसपी राजेश कुमार को इस केस का नया अनुसंधानकर्ता बनाया गया है, जो जल्द ही केस का प्रभार लेंगे. देवघर से स्थानांतरित होकर आए डीएसपी बैंकटेश कुमार को सीआईडी थाने का नया थानेदार नियुक्त किया गया है. इंस्पेक्टर नवल किशोर प्रसाद के प्रोन्नति के बाद ट्रांसफर होने से यह पद रिक्त था.

14 आरोपी सलाखों के पीछे, अब रांची-रामगढ़ सहित 6 जिलों में खंगाले जा रहे हैं रिकॉर्ड

कोषागार से अवैध वेतन निकासी के इस बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सीआईडी की एसआईटी और जिला बल की संयुक्त टीम ने अब तक ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. एसआईटी ने इनमें से कई मुख्य शातिरों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की है, जिससे इस खेल के अंतरराज्यीय और अंतर-जिला कनेक्शन का खुलासा हुआ है. अबतक इन मामलों में हजारीबाग से 06, बोकारो से 04 और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) से 04 आरोपी सलाखों के पीछे जा चुके है.

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