पर्यावरण को बचाने के लिए प्लास्टिक को कहे ना, जूट या कपड़ा का थैला को कहे हां

Ranchi: आज के युग में प्लास्टिक ने हर जगह अपनी जगह बना ली है. हमारे जीवन में प्लास्टिक ने एक महत्वपूर्ण जगह...

Ranchi: आज के युग में प्लास्टिक ने हर जगह अपनी जगह बना ली है. हमारे जीवन में प्लास्टिक ने एक महत्वपूर्ण जगह ले ली है, प्लास्टिक हरी-भरी धरती को लील रही है. प्लास्टिक आज हमारे धरती की हरियाली को ही समाप्त कर दिया है. पर्यावरण को बचाने के लिए कई संस्था आगे आयी हैं. 

मोरहाबादी में मॉर्निंग वाकर के बीच कपड़ा के थैला वितरण 

इसी को लेकर कुछ संस्थाएं प्लास्टिक को बाय-बाय करने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं, उसके साथ ही संस्था द्वारा कपड़ा अथवा जूट का थैला बांट कर लोगों को इसे अपनाने के लिए कहा जा रहा है. संस्था कहना है कि आप जब भी खरीदारी करने निकले हाथ में घर से एक थैला लेकर निकले ताकि प्लास्टिक के बैग को अलविदा कहा जा सका. इसी क्रम में मंगलवार की सुबह एक संस्था के द्वारा कपड़ा का थैला का वितरण किया गया.

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कई बार प्लास्टिक के थैले पर लगाया गया है प्रतिबंध, निगम का डंडा दिन चलने के बाद बंद

राज्य ही नहीं देश भर में प्लास्टिक के थैले पर प्रतिबंध लगाया है. प्लास्टिक का थैला देने वाले दुकानदार पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिया गया है. उस आदेश पर निगम द्वारा अमल भी किया जाता है. निगम के इनफोर्समेंट टीम घूम-घूमकर कार्रवाई भी करती है.दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाती थी, आदेश निकलने के बाद कुछ दिन तक इनफोर्समेंट टीम ने अपना काम किया. लेकिन अब इनफोर्समेंट टीम पूरी तरह शिथिल हो गयी. पहले तो डर से कोई दुकानदार पॉलिथिन बैग नहीं देता था, लेकिन अब तो खुला आम पॉलिथिन बैग का उपयोग हो रहा है. जानकारों का कहना है कि ब्लैक पॉलिथिन बैग अन्य पॉलिथिन बैग से खतरनाक होता है, जबकि मांस- मछली व फल वाले अधिकतर ब्लैक पॉलिथिन बैग का ही इस्तेमाल करते हैं. पर्यावरणविद का कहना है कि ब्लैक पॉलिथिन बैग से जो खतरनाक रसायन निकलता है, वह स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है.

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