Hazaribagh: जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, विशेषकर दनुवा घाटी क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसों को लेकर उपायुक्त हेमंत सती ने गंभीर चिंता जताई है. समाहरणालय सभाकक्ष में उनकी अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में उपायुक्त ने दनुवा घाटी को दुर्घटना की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए वहां सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि घाटी के महत्वपूर्ण एवं जोखिमपूर्ण स्थलों पर पर्याप्त संख्या में स्लाइडर (स्पीड कंट्रोल बैरियर) लगाए जाएं, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित की जा सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो.

घाटी क्षेत्र में चौकीदार व होमगार्ड की होगी तैनाती
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दनुवा घाटी क्षेत्र में चौकीदारों एवं होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी और यातायात नियंत्रण से सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है.
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एनएचएआई को दिए गए विशेष निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रबंधक को निर्देश दिया कि दनुवा घाटी शुरू होने से लगभग 50 मीटर पहले पर्याप्त संख्या में स्लाइडर लगाए जाएं. उनका उद्देश्य वाहनों की गति को नियंत्रित कर घाटी में प्रवेश से पूर्व चालकों को सतर्क करना है.
ब्लैक स्पॉट्स की विस्तृत रिपोर्ट जल्द देने का निर्देश
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा टीम से जिले के प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित स्थलों) की जानकारी ली. उन्होंने सभी संवेदनशील स्थानों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि दुर्घटना प्रभावित क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक एवं प्रभावी समाधान तैयार किया जा सके. बैठक में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य उपस्थित थे.
