रेल सफर” के “सुनहरे किस्सों” को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, 31 जुलाई तक भेजें हिंदी में यात्रा वृत्तांत और जीतें नकद इनाम

Hazaribagh : भारतीय रेल से जुड़ी यादों, अनुभवों और दिलचस्प यात्राओं को साहित्यिक पहचान देने के उद्देश्य से रेल मंत्रालय ने “रेल...

Hazaribagh : भारतीय रेल से जुड़ी यादों, अनुभवों और दिलचस्प यात्राओं को साहित्यिक पहचान देने के उद्देश्य से रेल मंत्रालय ने “रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना-2026” की घोषणा की है. इस अनूठी प्रतियोगिता के माध्यम से देशभर के नागरिक अपने यादगार रेल सफर के अनुभव हिंदी में लिखकर न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं, बल्कि आकर्षक नकद पुरस्कार भी जीत सकते हैं. योजना के तहत प्रथम पुरस्कार 10 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 8 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 5 हजार रुपये निर्धारित किया गया है. इसके अलावा पांच प्रतिभागियों को प्रेरणा पुरस्कार के रूप में 4-4 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे.

रेल मंत्रालय की शर्तें: मौलिक लेखन, शब्द सीमा और तकनीकी निर्देश अनिवार्य

रेल मंत्रालय के अनुसार चयनित श्रेष्ठ यात्रा वृत्तांतों का प्रकाशन रेलवे बोर्ड द्वारा कराया जाएगा. साथ ही प्रकाशित रचनाओं का प्रतिलिप्याधिकार रेलवे बोर्ड के पास सुरक्षित रहेगा. प्रतियोगिता में भेजी जाने वाली रचना पूरी तरह मौलिक, स्वरचित और हिंदी भाषा में होनी चाहिए. वृत्तांत की शब्द सीमा 3000 से 3500 शब्द निर्धारित की गई है. प्रविष्टि डबल स्पेस में टाइप की गई हो तथा प्रत्येक पृष्ठ पर पृष्ठ संख्या अंकित हो. साथ ही चारों ओर एक इंच का हाशिया छोड़ना अनिवार्य है. प्रतिभागियों को अपने नाम, आयु, पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल और कुल शब्द संख्या की जानकारी अलग पृष्ठ पर देनी होगी.

रेलवे बोर्ड की हिंदी लेखन प्रतियोगिता: यात्रियों और लेखकों को मिलेगा प्रतिभा दिखाने का सुनहरा मौका

सरकारी कर्मचारियों को यह प्रमाणित करना होगा कि उनके विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक मामला लंबित नहीं है, जबकि गैर-सरकारी प्रतिभागियों को यह घोषणा देनी होगी कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां दो प्रतियों में तैयार कर 31 जुलाई 2026 तक सहायक निदेशक, हिंदी (प्रशिक्षण), कक्ष संख्या-316, कॉफ्मो रेल कार्यालय परिसर, तिलक ब्रिज, आईटीओ, नई दिल्ली-110002 के पते पर भेजनी होंगी. रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद प्राप्त अथवा केवल एक प्रति में भेजी गई प्रविष्टियां स्वीकार नहीं की जाएंगी. यह पहल हिंदी साहित्य को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ रेल यात्राओं से जुड़ी मानवीय संवेदनाओं, रोमांचक अनुभवों और देश की विविध संस्कृति को अभिव्यक्ति देने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है. रेल सफर की यादों को शब्दों में पिरोने वाले लेखकों और यात्रियों के लिए यह प्रतियोगिता अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा मंच है.

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