Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना कांड संख्या 20/2022 में न्यायालय ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने आरोपी रामलाल बिरुवा उर्फ रामलाल मुंडा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक) की सजा सुनाई है.
2022 में दर्ज हुआ था मामला
मामला वर्ष 2022 का है. आरोपी रामलाल बिरुवा उर्फ रामलाल मुंडा, निवासी खेड़ियाघर टोला, सोडासाई, थाना मंझारी पर नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने का आरोप था. पुलिस ने अनुसंधान के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था.
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दाखिल हुआ आरोप पत्र
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया. इस मामले की सुनवाई विशेष पोक्सो केस संख्या 18/2022 के तहत हुई.
पोक्सो एक्ट में उम्रकैद और जुर्माना
शनिवार, 1 अगस्त 2026 को अदालत ने आरोपी को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक) और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत 3 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी दी गई.

गंभीर अपराधों पर न्यायालय का सख्त संदेश
न्यायालय के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ गंभीर अपराधों के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है. फैसले से ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश गया है.
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