बिजली संकट और ऑक्सीजन पाइप हादसे से भड़के हजारीबाग डीसी, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण; स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने के दिए सख्त निर्देश

Hazaribagh : बीती रात शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने, मरीजों को हुई भारी परेशानी तथा ऑक्सीजन...

Hazaribagh : बीती रात शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने, मरीजों को हुई भारी परेशानी तथा ऑक्सीजन पाइप फटने की घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया. बुधवार को उपायुक्त हेमंत सती अचानक अधिकारियों के दल-बल के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे और अस्पताल की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बिजली, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, ऑक्सीजन आपूर्ति और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की गहन समीक्षा की तथा कई कमियों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए.

बिजली व्यवस्था पर सबसे अधिक फोकस

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सबसे पहले अस्पताल में लगातार उत्पन्न हो रही बिजली संबंधी समस्याओं की जानकारी ली. उन्होंने विद्युत विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया कि अस्पताल जैसे अति आवश्यक संस्थान में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. अभियंताओं ने बताया कि अस्पताल के लिए समर्पित फीडर स्थापित होने से बिजली संकट का स्थायी समाधान संभव होगा. उपायुक्त ने कहा कि बिजली बाधित होने से मरीजों के उपचार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और ऐसी स्थिति भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए.

डीजल नहीं देने वाले पेट्रोल पंपों पर होगी कार्रवाई

अस्पताल प्रबंधन ने उपायुक्त को बताया कि बकाया राशि के कारण कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने जनरेटर संचालन के लिए डीजल उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया है. इस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं को ईंधन देने से इंकार करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कठोर कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित पेट्रोल पंपों को सील भी किया जाए. साथ ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी को सभी पेट्रोल पंपों की निगरानी कर आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

500 लीटर डीजल का स्थायी स्टॉक रखने का आदेश

आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को कम से कम 500 लीटर डीजल का स्थायी भंडारण बनाए रखने का निर्देश दिया ताकि बिजली बाधित होने की स्थिति में जनरेटर निर्बाध रूप से संचालित हो सके.

सोलर सिस्टम की तत्काल मरम्मत के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित सौर ऊर्जा प्रणाली की खराब स्थिति भी सामने आई. इस पर उपायुक्त ने झारखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (जेरेडा) के कार्यपालक अभियंता से दूरभाष पर बातचीत कर सोलर सिस्टम की तत्काल जांच और मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने अस्पताल में बिजली संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए तीन इलेक्ट्रीशियन की 24 घंटे तैनाती का भी आदेश दिया.

स्वच्छता व्यवस्था पर नाराजगी

अस्पताल के विभिन्न वार्डों और विभागों के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई. इस पर उपायुक्त ने आउटसोर्स सफाई एजेंसी को फटकार लगाते हुए दो दिनों के भीतर पूरे परिसर की व्यापक सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वच्छ वातावरण मरीजों के उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

प्रसव कक्ष और गायनी वार्ड का लिया जायजा

उपायुक्त ने प्रसव कक्ष और गायनी वार्ड का निरीक्षण कर बेड की उपलब्धता, मरीजों की संख्या, साफ-सफाई तथा चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति की समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर मरीजों के परिजनों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. इस पर अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि प्रतीक्षालयों और भीड़भाड़ वाले वार्डों में पर्याप्त संख्या में कुर्सियां, पंखे, पेयजल, शौचालय और आरओ सिस्टम की व्यवस्था तत्काल की जाए.

दो अतिरिक्त महिला चिकित्सकों की तैनाती

महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से बुधवार से गायनी वार्ड में दो अतिरिक्त स्त्री रोग विशेषज्ञ (गाइनी डॉक्टर) उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

मॉड्यूलर ओटी को जल्द चालू करने का निर्देश

मॉड्यूलर गायनी ऑपरेशन थिएटर बिजली आपूर्ति की समस्या के कारण बंद पाया गया. इस पर उपायुक्त ने गुणवत्तापूर्ण वायरिंग और पर्याप्त बिजली व्यवस्था सुनिश्चित कर इसे शीघ्र चालू करने का निर्देश दिया.

रेडियोलॉजी विभाग और एसी व्यवस्था की समीक्षा

रेडियोलॉजी विभाग के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रेडियोलॉजिस्ट को निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं कई वार्डों में खराब पड़े एयर कंडीशनर पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में मरीजों और उनके परिजनों को असुविधा नहीं होनी चाहिए. छोटी तकनीकी खराबियों का तत्काल समाधान किया जाए.

शिशु वार्ड में ऑक्सीजन और लिफ्ट व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

शिशु वार्ड के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने, एसए प्लांट को दुरुस्त करने तथा अस्पताल की सभी लिफ्टों को नियमित रूप से चालू रखने के निर्देश दिए. बीती रात ऑक्सीजन पाइप फटने की घटना के बाद प्रशासन इस व्यवस्था को लेकर विशेष रूप से सतर्क नजर आया.

विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक

निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने सिविल सर्जन सभागार में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली. उन्होंने निरीक्षण में मिली कमियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए.

“गरीब मरीजों को बेहतर सेवा देना हमारी प्राथमिकता”

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं सदर अस्पताल में हजारीबाग ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों और दूरदराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद मरीज इलाज के लिए आते हैं. उन्होंने चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सुरक्षा एजेंसियों और सफाई एजेंसियों को संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार संसाधनों की कमी नहीं रहने दे रही है, लेकिन कार्य संस्कृति और जवाबदेही की कमी के कारण आम लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं. इसे हर हाल में बदलना होगा. निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त रिया सिंह, सिविल सर्जन, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, विद्युत विभाग के अभियंता तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.

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