हजारीबाग के हैमिल्टन रोड पर “बैरियर बना रहस्य”, वर्षों से बंद सड़क को लेकर उठे सवाल

Hazaribagh: शहर के बीचों-बीच स्थित मिशन अस्पताल के समीप हैमिल्टन रोड वर्षों से लगे बैरियर के कारण एक बार फिर चर्चा के...

Hazaribagh: शहर के बीचों-बीच स्थित मिशन अस्पताल के समीप हैमिल्टन रोड वर्षों से लगे बैरियर के कारण एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. शहरवासियों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर सार्वजनिक सड़क पर यह अवरोध किसके आदेश से लगाया गया और इतने वर्षों से इसे हटाने की पहल क्यों नहीं की गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, हैमिल्टन रोड के दोनों छोर पर लोहे के बैरियर लगाए गए हैं, जिसके कारण चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित है. सड़क पर केवल दोपहिया वाहन, साइकिल और पैदल यात्री ही किसी तरह आवाजाही कर पाते हैं. शहर के बीच स्थित यह मार्ग लंबे समय से बंद रहने के कारण लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है.

शहर के ट्रैफिक प्रबंधन पर पड़ रहा असर

नागरिकों का कहना है कि यदि यह सड़क आम लोगों के लिए पूरी तरह खोल दी जाए तो शहर के भीतर यातायात का दबाव काफी हद तक कम हो सकता है. वर्तमान में कई प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या बनी रहती है. ऐसे में हैमिल्टन रोड एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

स्थानीय निवासियों का दावा है कि उन्होंने इस सड़क को हमेशा सार्वजनिक मार्ग के रूप में देखा है. सड़क की मरम्मत, रखरखाव और पेवर्स ब्लॉक जैसे कार्य भी सरकारी धन से किए गए हैं. इसके बावजूद सड़क पर स्थायी रूप से बैरियर लगाए जाने से लोगों के मन में यह धारणा बन रही है कि कहीं इसे निजी संपत्ति की तरह तो नहीं माना जा रहा.

लोगों ने उठाए कई सवाल

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर स्पष्ट किया जाए कि सड़क पर बैरियर लगाने का आदेश किसने दिया? क्या इसके लिए कोई आधिकारिक अधिसूचना या प्रशासनिक निर्णय मौजूद है? यदि सड़क सार्वजनिक है तो आम लोगों की आवाजाही क्यों रोकी जा रही है? वर्षों से चले आ रहे इस प्रतिबंध को हटाने की दिशा में क्या कार्रवाई हुई? लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने से आपातकालीन परिस्थितियों में भी परेशानी होती है. शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे नागरिकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने दी चेतावनी

इस मुद्दे पर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने नगर आयुक्त के साथ स्थल का निरीक्षण किया था और प्रथम दृष्टया बैरियर लगाना उचित नहीं प्रतीत होता. विधायक ने कहा कि वे प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. यदि एक सप्ताह के भीतर बैरियर हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे स्वयं मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से दोनों ओर लगे बैरियर को हटाएंगे और सड़क को आम जनता के लिए खोल देंगे.

प्रशासन से स्पष्ट जवाब की मांग

हैमिल्टन रोड का मामला अब केवल एक सड़क तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग और नागरिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बन गया है. शहरवासियों का कहना है कि यदि सड़क सरकारी अभिलेखों में सार्वजनिक मार्ग है, तो उस पर किसी भी प्रकार का स्थायी अवरोध जनहित के खिलाफ है. अब निगाहें प्रशासन और नगर निगम पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं. यदि सड़क को खोलने का निर्णय लिया जाता है तो इससे शहर के यातायात प्रबंधन को नई दिशा मिल सकती है और वर्षों पुरानी एक बड़ी समस्या का समाधान संभव हो सकेगा.

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