Giridih: तिसरी थाना क्षेत्र के चिलगिली गांव निवासी मासोमत ननकी सोरेन की मौत कोडरमा जिले के ढोलाकोला क्षेत्र स्थित एक ढिबरा खदान में हो गई. घटना के बाद परिजनों में शोक का माहौल है, वहीं खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.


ढिबरा चुनने गई थीं महिला, देर रात गांव पहुंचा शव
परिजनों के अनुसार, ननकी सोरेन अपने बच्चों के साथ ढिबरा चुनने के लिए खदान क्षेत्र गई थीं. मृतका के पुत्र ने बताया कि सभी लोग अलग-अलग स्थानों पर ढिबरा संग्रह कर रहे थे, जबकि उनकी मां कुछ दूरी पर काम कर रही थीं. इसी दौरान उनकी मौत हो गई. देर रात शव गांव पहुंचने के बाद परिवार में मातम छा गया.
मौत के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे
घटना के बाद मौत के कारणों को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोगों ने खदान में चाल धंसने की आशंका जताई है, जबकि एक महिला ने मिर्गी के कारण मौत होने की बात कही है. हालांकि प्रशासनिक जांच के बिना मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकती है.
खनन क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे प्रश्न
यह घटना एक बार फिर गिरिडीह के गावां और तिसरी प्रखंड तथा कोडरमा के सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित ढिबरा और माइका खनन गतिविधियों को चर्चा के केंद्र में ले आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने, निगरानी बढ़ाने और वैकल्पिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है. फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
