Ranchi: झारखंड कांग्रेस में अब ढीले-ढाले रवैये और गुटबाजी के दिन लद चुके हैं. प्रदेश प्रभारी के.राजू ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठन में पद का मतलब सिर्फ रुतबा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और कड़ा अनुशासन है. प्रदेश कांग्रेस की कॉर्डिनेशन कमिटी और जिला प्रभारियों की बैठक में प्रभारी का एक ऐसा सख्त तेवर देखने को मिला, जिसने पार्टी के भीतर हड़कंप मचा दिया है. समय की पाबंदी को लेकर के राजू इस कदर गंभीर दिखे कि लेट आने वाले पदाधिकारियों के लिए उन्होंने बैठक स्थल के मुख्य द्वार पर ताला तक लगवा दिया. देर से पहुंचने वाले माननीयों को अंदर दाखिल होने के लिए प्रभारी से विशेष अनुमति लेनी पड़ी.

डिसिप्लिन फर्स्ट: पद चाहिए तो गंभीर होना पड़ेगा
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में प्रभारी के. राजू का गुस्सा उन नेताओं पर फूटा जो समय के कद्रदान नहीं हैं. मीडिया से बातचीत करते हुए प्रभारी ने दोटूक कहा, पार्टी में पद लेने वाले नेताओं को गंभीर होना पड़ेगा. अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि जो नेता समय पर नहीं आ सकते, वे संगठन को समय क्या देंगे.
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मिशन एसआइआर के लिए जिला प्रभारियों को टॉस्क
इस बैठक का मुख्य एजेंडा एसआइआर को जमीन पर उतारना था. प्रभारी ने इसे पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी जिला प्रभारियों को मुस्तैदी से जुटने का टास्क दिया है. अब यह काम पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि एक नए अंदाज और आक्रामक रणनीति के तहत होगा.
गुटबाजी पर फुल स्टॉप और 3 महीने का अल्टीमेटम
प्रदेश महासचिव संजय पांडे के अनुसार, प्रभारी ने जिलों में पनप रही गुटबाजी को कड़ाई से रोकने और संगठन को एकजुट करने का सख्त निर्देश दिया है.अब यह कॉर्डिनेशन बैठक हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से होगी. सभी जिला प्रभारियों को हर महीने की आखिरी तारीख को अपनी समीक्षा रिपोर्ट सौंपनी होगी.
