Palamu: चैनपुर थाना क्षेत्र के हरभोगा अकडाही गांव के भुइयां समाज के लोगों ने वर्षों पुराने भूमि विवाद को लेकर उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है. पीड़ित परिवारों ने लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक एवं खतियानी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है. स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिलने से परेशान परिवार अब जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

24 एकड़ से अधिक खतियानी भूमि को लेकर विवाद
आवेदन के अनुसार, चैनपुर थाना क्षेत्र के अकडाही गांव में खाता संख्या 09 के विभिन्न प्लॉटों की करीब 24 एकड़ 95 डीमिल भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. पीड़ितों का आरोप है कि शाहपुर गांव के कुछ लोग कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर दावा कर रहे हैं और कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर संबंधित पक्ष भी भूमि पर अपना अधिकार जता रहा है. मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है.
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भय के माहौल में जी रहे परिवार
ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि जब भी वे जमीन पर हो रहे कथित अतिक्रमण का विरोध करते हैं, तो उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है और खुलेआम धमकियां दी जाती हैं. पीड़ितों का कहना है कि वर्षों से प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपितों के हौसले बढ़ गए हैं. उनका आरोप है कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिसके कारण पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन गुजारने को मजबूर है.
अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस मामले ने एक बार फिर जिले में भूमि विवादों और अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मामलों में एक ही जमीन से जुड़े अलग-अलग दस्तावेज सामने आने की शिकायतें मिलती रही हैं. ऐसे में यह जांच का विषय है कि एक ही भूमि पर दो पक्षों के पास दस्तावेज कैसे उपलब्ध हो जाते हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक भूमि स्वामियों को न्याय दिलाने तथा भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की है.
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