Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर चाईबासा प्रखंड अंतर्गत नरसंडा पंचायत में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने सहभागिता करते हुए ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया. इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जागरूकता अभियानों की जानकारी साझा की. उक्त चौपाल में सिविल सर्जन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्थानीय मुखिया सहित अन्य के द्वारा भाग लिया गया.

महाभियान के उद्देश्यों एवं इसके विभिन्न पहलुओं पर की गई चर्चा
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों के प्रति संवेदनशील एवं जागरूक बनाना है. चौपाल के दौरान उपायुक्त ने राज्यव्यापी “चुप्पी तोड़ो स्वस्थ रहो” महाभियान के उद्देश्यों एवं इसके विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने कहा कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसके संबंध में समाज में व्याप्त भ्रांतियों, संकोच एवं मिथकों को समाप्त करना आवश्यक है. इस अभियान का उद्देश्य समाज में खुले संवाद को बढ़ावा देना तथा किशोरियों एवं महिलाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है. साथ ही रेड डॉट चैलेंज के माध्यम से माहवारी स्वच्छता एवं महिला स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की गई.
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ गांव-सुरक्षित जलवायु विषय पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा हुई. उपायुक्त ने ग्रामीणों को स्वच्छता, जल संरक्षण, प्लास्टिक उपयोग में कमी, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सामुदायिक सहभागिता से ही संभव है तथा इसके लिए प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है.
स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए भस्मक का किया गया शुभारंभ
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भस्मक का शुभारंभ किया गया. इसके माध्यम से अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छ परिवेश बनाए रखने के प्रयासों को मजबूती मिलने की बात कही गई. कार्यक्रम के अंतर्गत पौधारोपण अभियान भी चलाया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने के संदेश के साथ फलदार पौधे लगाए गए. उपस्थित लोगों से पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण करने का भी आह्वान किया गया. चौपाल में मिशन उदय अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई. ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों, लाभ एवं इससे जुड़ने की प्रक्रिया के संबंध में अवगत कराया गया, ताकि अधिकाधिक लोग इसका लाभ प्राप्त कर सकें। चौपाल के दौरान स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर चर्चा के क्रम में मलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत रोकथाम, पहचान एवं समय पर उपचार के महत्व पर जानकारी दी गई.
ग्रामीणों कोमच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति किया गया जागरूक
ग्रामीणों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपायों जैसे साफ-सफाई, जल जमाव रोकने एवं मच्छरदानी के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया. साथ ही राष्ट्रीय कृमि दिवस के महत्व पर चर्चा करते हुए बच्चों एवं किशोरों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए कृमिनाशक दवा सेवन के महत्व की जानकारी साझा की गई. कार्यक्रम में स्वास्थ्य, पोषण एवं जनजागरूकता से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई. कार्यक्रम के सफल संचालन तथा विभिन्न जनहितकारी अभियानों को प्रभावी रूप से धरातल पर संचालित करने के उद्देश्य से उपस्थित जनप्रतिनिधियों, विभागीय पदाधिकारियों, कर्मियों एवं ग्रामीणों द्वारा सामूहिक शपथ ग्रहण किया गया. कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही.
उपायुक्त ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर-नरसंडा का किया निरीक्षण
पंचायत भवन में आयोजित चौपाल कार्यक्रम उपरांत उपायुक्त द्वारा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयुष्मान आरोग्य मंदिर-नरसंडा का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, चिकित्सीय सेवाओं, दवा उपलब्धता, रोगी पंजीकरण व्यवस्था तथा आमजनों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. इस क्रम में संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया गया, कि आमजनों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए. साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण एवं साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
आंगनबाड़ी केंद्र में संचालित स्वास्थ्य शिविर का भी किया गया अवलोकन
इसके उपरांत मिशन उदय कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र में संचालित स्वास्थ्य शिविर का भी अवलोकन किया गया. शिविर में बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण संबंधी गतिविधियों तथा स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया की जानकारी ली गई. निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया गया, कि मिशन उदय के तहत संचालित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करना है.
यह भी पढ़ें: जमीन छोड़ो या पैसे लो”: अजय तिर्की पर आर्मी जवान के परिवार को धमकाने और घर तोड़ने का आरोप
