लावारिस शव के साथ अमानवीय व्यवहार का आरोप, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

Giridih : जमुआ थाना क्षेत्र के कवईटांड गांव में मिले एक अज्ञात व्यक्ति के शव को लेकर पुलिस की कार्यशैली विवादों के...

Giridih : जमुआ थाना क्षेत्र के कवईटांड गांव में मिले एक अज्ञात व्यक्ति के शव को लेकर पुलिस की कार्यशैली विवादों के केंद्र में आ गई है. पोस्टमार्टम के बाद शव को जेसीबी मशीन के सहारे दफनाने की तैयारी किए जाने के आरोप ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है. ग्रामीणों के तीखे विरोध के बाद पुलिस को शव के साथ वापस लौटना पड़ा. जानकारी के अनुसार, शव की स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण उसका पोस्टमार्टम धनबाद में कराया गया था. पोस्टमार्टम के बाद शव को जमुआ थाना लाया गया. आरोप है कि इसके बाद थाना प्रभारी पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ पाराखारो पहाड़ी के समीप शव को दफनाने पहुंचे. जैसे ही इसकी सूचना ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और इसका विरोध शुरू कर दिया.
ग्रामीणों का कहना था कि किसी भी अज्ञात या लावारिस शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को पर्याप्त समय देना चाहिए. उनका आरोप है कि बिना समुचित प्रक्रिया और पर्याप्त इंतजार अवधि के शव को जल्दबाजी में दफनाने का प्रयास किया गया, जो मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ है.

क्या अब इंसान की अंतिम विदाई भी जेसीबी के भरोसे?

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि मृत व्यक्ति की पहचान और उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया जाना चाहिए था. लेकिन जिस तरीके से शव को दफनाने की तैयारी की गई, उसने प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

वरीय अधिकारियों से जांच की मांग

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में वरीय अधिकारी संज्ञान लेंगे और क्या शव के निस्तारण की प्रक्रिया में हुई कथित जल्दबाजी की जांच होगी? फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

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