Giridih: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है. उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जमुआ में आवश्यक जीवनरक्षक एवं नियमित उपयोग की दवाओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराया गया है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सीएचसी जमुआ में एल्बेंडाजोल, आयरन-फोलिक एसिड सिरप, एम्पीसिलिन कैप्सूल, रैबेप्राजोल-डोमपेरिडोन कैप्सूल, एंटी रेबीज वैक्सीन, पैरासिटामोल, ओआरएस, कैल्शियम-डी3 टैबलेट सहित कई महत्वपूर्ण दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. इसके अलावा इंजेक्शन, सिरिंज, ईसीजी जेली तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री का भी पर्याप्त स्टॉक रखा गया है.
जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
दवाओं के उपलब्ध स्टॉक में आयरन एवं फोलिक एसिड की लगभग 7.5 लाख गोलियां, कैल्शियम-डी3 की 6,600 गोलियां, ओआरएस के 6,000 पैकेट तथा एल्बेंडाजोल की 4,667 टैबलेट शामिल हैं. वहीं एंटी रेबीज वैक्सीन का भी पर्याप्त भंडारण किया गया है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाओं की उपलब्धता की नियमित निगरानी की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय सुविधाओं और मरीजों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की लगातार समीक्षा की जाए.
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स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर
जिला प्रशासन ने कहा है कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक जनोन्मुखी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है.


