Hazaribagh : शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शुक्रवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब एसएनसीयू में तैनात एक वार्ड बॉय के साथ मरीज के परिजनों द्वारा मारपीट की गई. घटना के विरोध में अस्पताल के सभी चिकित्सा कर्मी और आउटसोर्सिंग कर्मचारी काम ठप कर अधीक्षक कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए. अस्पताल में सेवाओं के प्रभावित होने की सूचना पर सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह के साथ वार्ता की और कर्मियों की सुरक्षा व लंबित वेतन भुगतान का आश्वासन दिया, जिसके बाद हड़ताल समाप्त हुई.

क्या था विवाद और कैसे बनी सहमति
बीती रात एसएनसीयू वार्ड में मरीज के परिजनों द्वारा चिकित्सा कर्मी के साथ की गई बदसलूकी और हिंसा से कर्मचारियों में भारी आक्रोश था. कर्मियों का कहना था कि अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण उनके साथ आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं. मुन्ना सिंह ने अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से स्पष्ट कहा कि फ्रंटलाइन वर्कर्स की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कर्मचारी काम पर लौटने को राजी हुए.
नौ माह से वेतन नहीं, भुखमरी की कगार पर कर्मचारी
हड़ताल के दौरान अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने अपनी पीड़ा उजागर करते हुए बताया कि वे लंबे समय से वेतन न मिलने की मार झेल रहे हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वार्ड बॉय का पिछले नौ माह से, सुरक्षा गार्डों का सात माह से, कंप्यूटर ऑपरेटर का पांच माह से और संविदा नर्सों का दो माह से भुगतान अटका हुआ है. मुन्ना सिंह ने कहा कि जो कर्मचारी दिन-रात मरीजों की सेवा में समर्पित हैं, उन्हें वेतन के लिए तरसाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने जल्द ही उच्चाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग से बात कर वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराने का भरोसा दिया है.
प्रशासन की सक्रियता और दलालों पर नकेल
हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल द्वारा अस्पताल की व्यवस्था को लेकर उठाए गए मुद्दों के बाद जिला प्रशासन ने भी सक्रियता दिखाई है. उपायुक्त हेमंत सती के सख्त निर्देश के बाद अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों को चिन्हित कर पकड़ा गया है, जिससे दलाली करने वाले तत्वों में हड़कंप है. सांसद प्रतिनिधि ने स्वास्थ्य कर्मियों को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि मारपीट करने वाले उपद्रवियों पर जिला प्रशासन कठोर कानूनी कार्रवाई करे. उन्होंने साफ कहा कि स्वास्थ्य सेवा में बाधा डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
सुधार के दावे और भविष्य की चुनौती
अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं. पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने कहा कि वे इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के संज्ञान में लाएंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के सहयोग से हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार होगा और कर्मियों को न केवल सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उनका बकाया मानदेय भी समय पर प्राप्त होगा.
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