खास बातें:
• एआई और सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर अग्रसर भारत, दुनिया दे रही है साथ.
• लखपति दीदी से लेकर 80 करोड़ लोगों के मुफ्त राशन तक, गिनाईं केंद्र की उपलब्धियां.
• वाजपेयी के सपनों के झारखंड को संवारने और नक्सलवाद के खात्मे का दोहराया संकल्प.
Ranchi: आज का भारत सिर्फ परंपराओं और कृषि का देश नहीं है, बल्कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर की दुनिया में महाशक्ति बनने की दहलीज पर खड़ा है. जब नीति और नीयत साफ हो, तो एक तरफ देश का किसान समृद्ध होता है और दूसरी तरफ देश का युवा ग्लोबल टेक्नोलॉजी को लीड करता है. शनिवार को राजधानी रांची में आयोजित प्रबुद्ध नागरिक संवाद में यह नया और सुदृढ़ भारत तब सामने आया, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विकसित भारत के संकल्प का रोडमैप साझा किया. उन्होंने दो टूक कहा कि प्रबुद्ध जनों के सवाल और सुझाव ही सरकार को विकसित भारत की मंजिल तक पहुंचाने में सबसे बड़ा सहयोग देंगे.

वाजपेयी का सपना, बिरसा की माटी और भावनात्मक जुड़ाव
झारखंड की इस पावन धरती से अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को रेखांकित करते हुए नितिन नबीन ने भगवान बिरसा मुंडा और सिद्धो-कान्हू जैसे महान जननायकों को नमन किया. उन्होंने कहा यह शहीदों और कर्मा-धर्मा की अनूठी संस्कृति वाली धरती है. पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जिस विकासपरक सोच के साथ झारखंड राज्य की स्थापना की थी, हमारी सरकार उसी संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है. झारखंड का सांस्कृतिक और आर्थिक विकास ही अटल जी का असली सपना था.
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एआई और सेमीकंडक्टर का युग: वैश्विक पटल पर भारत की धमक
नितिन नबीन ने तकनीक के क्षेत्र में आ रहे क्रांतिकारी बदलावों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की तकनीकी क्षमता का लोहा मान रही है. हाल ही में संपन्न हुई वैश्विक एआई समिट में हर बड़े देश ने भारत का पुरजोर समर्थन किया है. केंद्र सरकार देश में अनुकूल नीतियां और निवेश बढ़ाकर भारत को दुनिया का सबसे बड़ा एआई और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई है. आने वाले समय में यही तकनीक युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के सबसे बड़े द्वार खोलेगी.
किसान कल्याण और अंत्योदय: 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर
नितिन नबीन ने देश के विकास में अन्नदाताओं की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि जिस देश का किसान खुशहाल है, वही देश विकसित हो सकता है. यही कारण है कि मोदी सरकार ने कृषि विभाग का नाम बदलकर ‘कृषि एवं किसान कल्याण विभाग किया.
• गरीबी से मुक्ति: नीतिगत प्रयासों के कारण देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ चुके हैं.
• खाद्य सुरक्षा: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है ताकि देश का कोई परिवार भूखा न सोए.
• स्वास्थ्य कवच: आयुष्मान भारत योजना’ से 60 करोड़ परिवारों को जोड़ा गया है, जिससे अब किसी गरीब को इलाज के लिए अपनी जमीन या जेवरात गिरवी रखने की नौबत नहीं आती.
लखपति दीदी और नारी शक्ति का सम्मान
महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिक सोच बताते हुए उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है. 54 करोड़ महिलाओं और गरीबों के ‘जनधन खाते’ खोलकर बिचौलिया संस्कृति को हमेशा के लिए दफन कर दिया गया है. अब सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है. उन्होंने आगे कहा कि सरकार अब देश में 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने के मिशन पर काम कर रही है. साथ ही, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं. देश में बने 12 करोड़ शौचालय महिलाओं के प्रति सरकार की संवेदनशील और सम्मानजनक सोच का प्रतीक हैं.
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मुद्रा योजना से युवा उद्यमी और स्टार्टअप क्रांति
युवाओं को नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाने के विज़न पर बात करते हुए कहा कि स्टार्टअप और मुद्रा योजना ने देश के छोटे शहरों में भी उद्यमशीलता की नई लहर पैदा की है. आज छोटे से छोटे उद्यमी भी 10 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक के लोन का लाभ उठाकर अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं और दूसरों को रोजगार दे रहे हैं. नई शिक्षा नीति और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास इसी समग्र विकास की कड़ियां हैं.
राम मंदिर निर्माण और सुशासन: विपक्ष पर कड़ा प्रहार
अपने संबोधन में नितिन नबीन ने भाजपा सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति का लोहा मनवाते हुए कहा कि हमने जनता से किए गए हर वादे को पूरा किया है. अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसका सबसे बड़ा और जीवंत उदाहरण है. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में जो पैसा बिचौलियों की भेंट चढ़ जाता था, आज तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था के कारण वह सीधे जनता तक पहुंच रहा है.
नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार, सुरक्षा और सुशासन का संकल्प
झारखंड की आंतरिक सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में झारखंड के 22 जिले नक्सलवाद की चपेट में थे और विकास कार्यों में बाधा बने हुए थे. लेकिन केंद्र और राज्य के सुरक्षा बलों के साझा और कड़े प्रयासों के चलते आज नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है और स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है. उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि विकास, सुशासन, सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था के एजेंडे पर केंद्र सरकार आगे भी इसी मजबूती के साथ काम करती रहेगी.
