रांचीः झारखंड में गर्मी ने दस्तक दे दी है। लेकिन ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने वाली योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही है. सिंगल विलेज स्कीम के तहत गांवों में पानी पहुंचाने के लिए कुल 83,335 योजनाएं ली गई थी, जिसमें 48,298 का ही सर्वे हुआ है. 35,037 योजनाएं लंबित हैं.

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कहां पर फंसा है मामला
इस योजना में केंद्रांश और राज्यांश 50-50 फीसदी हैं। केंद्रांश के रूप में 24,665 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं. इसके एवज में राज्य सरकार ने 6,874 करोड़ रुपये जारी किए. इसके एवज में केंद्र सरकार ने महज 5,987 करोड़ रुपये दिए हैं. इसी तरह केंद्र से पिछले वित्तीय वर्ष में 2,114 करोड़ रुपये मिलना था. इसकी तुलना में सिर्फ 70 करोड़ रुपये मिले हैं. अब वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने जा रहा है. आज भी चालू वित्तीय वर्ष का एक पैसा नहीं मिला है. लगभग 6,500 करोड़ आज भी केंद्रांश के रुप में लेना है. इसकी वजह से योजनाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं.
किस जिला में कितनी योजनाएं हैं लंबित
जिला- लंबित योजनाओं की संख्या
खूंटी- 1270
कोडरमा- 126
लातेहार- 1924
लोहरदगा- 1809
बोकारो- 24
चतरा- 2687
देवघर- 944
धनबाद- 437
दुमका- 769
गढ़वा- 1859
गिरिडीह- 5002
गोड्डा- 31
गुमला- 540
हजारीबाग- 2923
जामताड़ा- 277
रांची- 3012
साहेबगंज- 2599
सरायकेला- 95
सिमडेगा- 2387
