Chaibasa: जिले के सोनुआ प्रखंड अंतर्गत किलिंडियात गांव की आदिवासी युवती अंजलि हेंब्रम अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के बल पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं. रोजगार की कमी के कारण जहां क्षेत्र के कई युवक-युवतियां पलायन करने को मजबूर हैं, वहीं अंजलि ने अपने गांव में ही लरसी (पारंपरिक पेय) की दुकान खोलकर स्वरोजगार का रास्ता चुना है और क्षेत्र की महिलाओं व युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं.
जनप्रतिनिधियों ने अंजली की दुकान का दौरा किया
हाल ही में सांसद, जिला प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अंजलि की दुकान का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने अंजलि के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उत्पाद का स्वाद भी चखा. अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय संसाधनों के माध्यम से रोजगार सृजन और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में अंजलि का प्रयास सराहनीय है. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंजलि को जीविकोपार्जन और व्यवसाय विस्तार के लिए सीएलएफ (कम्युनिटी लेवल फेडरेशन) एवं जोहार परियोजना जैसी योजनाओं के तहत ऋण और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ा सकें.

अपने व्यवसाय को विकसित करना चाहती है
अंजलि ने बताया कि उन्होंने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है और अब अपने व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि लरसी के स्वाद और गुणवत्ता को लेकर लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, जिससे उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिला है. उपायुक्त ने कहा कि अंजलि का यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है. उन्होंने अन्य महिलाओं से भी स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं.
पहचान सफल ग्रामीण उधमी के रूप में
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले अंजलि की दुकान पर बन रही स्क्वैश लरसी का विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उनकी दुकान पर पहुंचने लगे. अब अंजलि की पहचान एक सफल ग्रामीण उद्यमी के रूप में बन रही है और उनका यह प्रयास स्थानीय युवाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहा है.
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